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आकलन वर्ष 2021-22 के लिए नए आईटीआर फॉर्म जारी, ऐसे करें डाउनलोड

Fri, 02 Apr 2021 01:49 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • वित्त मंत्रालय ने कहा- फॉर्म भरने के तरीकों में कोई बदलाव नहीं
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आयकर रिटर्न - फोटो : iStock
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विस्तार
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आकलन वर्ष 2021-22 के लिए नया आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म जारी कर दिया गया है। महामारी को देखते हुए इसमें पिछली बार की तरह खास बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि आयकर कानून  की धारा 1961 में संशोधन की वजह से आईटीआर-1 से लेकर आईटीआर-7 फॉर्म में सिर्फ जरूरी बदलाव किए गए हैं। साथ ही फॉर्म भरने के तरीके में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। नया फॉर्म http://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/226336.pdf लिंक पर उपलब्ध है।

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किसके लिए कौन फॉर्म
आईटीआर-1 (सहज) : यह सबसे आसान फॉर्म है। इस फॉर्म का इस्तेमाल वह छोटे एवं मध्यम करदाता कर सकते हैं, जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक होती है। साथ ही जिनका कमाई का जरिया सिर्फ वेतन और एक घर या ब्याज जैसे अन्य स्रोत हैं।
आईटीआर-4 (सुगम) : यह फॉर्म हिंदू अविभाजित परिवार और कंपनियों की ओर से भरा जाता है, जिनकी किसी कारोबार या प्रोफेशन से सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक हो। 
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आईटीआर-2 : जिन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार की कमाई किसी कारोबार या प्रोफेशन से न हो। साथ ही वह सहज फॉर्म भरने की योग्यता न रखते हों। 
आईटीआर-3 : जिन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार की कमाई किसी कारोबार या प्रोफेशन से हो। 
आईटीआर-5 : हिंदू अविभाजित परिवार, भागीदारी वाली कंपनियां, एलएलपी इसे भर सकती हैं। 
आईटीआर-6 : कंपनियां इसे भर सकती हैं। 
आईटीआर-7 : आयकर अधिनियम के तहत छूट क्लेम करने वाले ट्रस्ट, राजनीतिक पार्टियां और चैरिटेबल ट्रस्ट यह फॉर्म भर सकते हैं। 

खाड़ी देशों में प्रवासी भारतीयों की वेतन आय पर मिलती रहेगी छूट : वित्तमंत्री
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कामगारों को उनकी वेतन आय पर कर छूट मिलती रहेगी। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के ट्वीट का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्त कानून-2021 के जरिए सऊदी अरब/संयुक्त अरब अमीरात/ओमान/कतर में काम करने वाले भारतीय कामगारों के मामले मे कोई नया या अतिरिक्त कर नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि वित्त कानून-2021 में संबंधित संशोधन के जरिए केवल चीजों को स्पष्ट करने के लिए ‘कर योग्य’ शब्द की सामान्य परिभाषा को आयकर कानून में शामिल किया गया है। इससे पहले मोइत्रा ने एक ट्वीट में कहा, वित्तमंत्री अपनी बातें से पीछे हट रही हैं। सऊदी/यूएई/ओमान/कतर में कड़ी मेहनत करने वाले भारतीय कामगारों पर अतिरिक्त कर लगेगा। इस पर सीतारमण ने लिखा, बातों से कोई पीछे नहीं हटा है।

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