नेपाल पीएम प्रचंड आजकल चीन के दौरे पर हैं। चीन पहुंचकर उन्होंने अपने समकक्ष चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 12 समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। व्यापार, सड़क संपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी सहित क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर आम सहमति बनाई।
बीजिंग में नेपाल दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की। साथ ही दोनों देशों ने अपने घनिष्ठ संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दो दिन पहले नेपाल पीएम प्रचंड की मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी साझेदारी और सहयोग को ज्यादा मजबूत करने पर बल देने की बात कही थी।
पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री बनने के बाद केपी ओली के नेतृत्व वाली चीन समर्थक नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) से राजनीतिक रूप से दूरी बनाने वाले प्रचंड ने भारत और अमेरिका की यात्रा के बाद अपनी पहली चीन यात्रा की।
नेपाली दूतावास ने कहा, 12 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
नेपाली दूतावास ने कहा , दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। दोनों पक्षों ने नेपाल-चीन व्यापार, भुगतान समझौते की समीक्षा, संशोधन के लिए एक संयुक्त तकनीकी कार्य समूह की स्थापना पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए।
नेपाल से चीन तक चीनी चिकित्सा के लिए पौधों से प्राप्त औषधीय सामग्रियों के निर्यात के लिए फाइटोसैनिटरी आवश्यकताओं के एक प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए गए। चीन और नेपाल ने हिल्सा-सिमकोट रोड परियोजना और नेपाल-चीन पावर ग्रिड इंटरकनेक्शन परियोजना (चिलीमे-केरुंग) पर भी समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी। जिससे नेपाल के आर्थिक विकास को लाभ होगा।
नेपाल के पीएम प्रचंड ने नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष झाओ लेजी से भी मुलाकात की। जिसके दौरान उन्होंने नेपाल और चीन के बीच ऐतिहासिक संबंधों को ज्यादा व्यापक बनाने और उच्च स्तरीय यात्राओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया।
नेपाली पीएम प्रचंड न्यूयॉर्क स्थित 78वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद सीधा चीन के लिए रवाना हुए थे।