दिवाला न्यायाधिकरण एनसीएलटी मुंबई ने दूरसंचार कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस की कुछ रीयल एस्टेट संपत्तियों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। फाइलिंग में रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के समाधान पेशेवर की ओर से दायर आवेदन के मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ का एक आदेश संलग्न किया गया है, जिसमें कंपनी की कुछ देनदारियों से मुक्त संपत्तियों की बिक्री के लिए एनसीएलटी से मंजूरी मांगी गई थी।
आदेश में कहा गया, "... यह न्यायाधिकरण स्पष्ट करता है कि आवेदक/आरपी सीआईआरपी नियमन के नियम 29 के तहत कॉरपोरेट देनदार (जैसा कि ऊपर पैरा 1 में वर्णित है) की परिसंपत्तियों को इस न्यायाधिकरण द्वारा मंजूरी के लिए समाधान योजना प्रस्तुत करने के बाद बेच सकता है।"
आदेश के अनुसार समाधान पेशेवर न्यायाधिकरण की मंजूरी के लिए समाधान योजना पेश करने के बाद कंपनी की संपत्ति बेच सकते हैं।
ऑर्डर में कहा गया, "यह ट्रिब्यूनल सीआईआरपी विनियमों के विनियमन 29 के अनुसार कॉरपोरेट देनदार की परिसंपत्तियों की बिक्री करने के लिए आवेदक को अपनी मंजूरी देता है, जो बिक्री आय को कॉर्पोरेट देनदार की देनदारियों से मुक्त संपत्ति के रूप में माना जाएगा और अनुमोदित समाधान योजना के कार्यान्वयन के दौरान या परिसमापन में वितरित किया जाएगा, जैसा भी मामला हो।"
बिक्री के लिए जिन संपत्तियों की पहचान की गई है, उनमें आरकॉम का चेन्नई हैडो कार्यालय शामिल है, जिसमें भूमि और भवन शामिल हैं। बिक्री वाली अन्य संपत्तियों में चेन्नई के अंबत्तूर में भूमि पार्सल लगभग 3.44 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है; पुणे में 871.1 वर्ग मीटर भूमि पार्सल; भुवनेश्वर स्थित ऑफिस स्पेस, कैंपियन प्रॉपर्टीज के शेयरों में निवेश और रिलायंस रियल्टी के शेयरों में निवेश शामिल है।