वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक रिपोर्ट के मुताबिक, रणनीतिक सुधारों और तेज टीकाकरण अभियान की वजह से अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी की 'विनाशकारी लहरों से उबरने' में मदद मिली है और देश तेजी से पुनरुद्धार के रास्ते पर खड़ा है। सितंबर की समीक्षा के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में लगातार मजबूत वृद्धि, विनिर्माण एवं उद्योग में तेज वापसी, सेवा से जुड़ी गतिविधियों की बहाली और शानदार राजस्व से यह पता चलता है कि अर्थव्यवस्था अच्छी प्रगति कर रही है।
6.7 फीसदी रही बैंक ऋण की वृद्धि दर
सितंबर की समीक्षा के मुताबिक, बैंक ऋण की वृद्धि दर 10 सितंबर, 2021 को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर 6.7 फीसदी रही। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 5.3 फीसदी थी।
इसके अलावा आपूर्ति श्रृंखलाओं की बहाली, आवाजाही में सुधार और खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी के साथ, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति अगस्त 2021 में 5.3 फीसदी पर वापस आ गई, जिससे पता चलता है कि मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति महामारी से प्रेरित है और अस्थायी है।
17 राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान जारी
वित्त मंत्रालय ने बताया कि 17 राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये के पोस्ट डिवोल्यूशन रेवेन्यू डेफिसिट (PDRD) अनुदान की सातवीं मासिक किस्त जारी कर दी गई है। किस्त जारी होने के साथ ही चालू वित्त वर्ष में राज्यों को पीडीआरडी अनुदान के रूप में कुल 69,097.00 करोड़ रुपये की राशि मिली है।
15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर दिया जाता है अनुदान
संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राज्यों को हस्तांतरण के बाद राजस्व घाटा अनुदान प्रदान किया जाता है। राज्यों के राजस्व खातों में अंतर को पूरा करने के लिए मासिक किस्तों में 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार अनुदान जारी किया जाता है। आयोग ने 2021-22 के दौरान 17 राज्यों को पीडीआरडी अनुदान की सिफारिश की है।