भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को भरोसा जताया कि चुनाव नतीजों के बाद बाजार स्थिर हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह स्पष्ट है कि चुनाव कहां जा रहे हैं, लोग सटीक चुनाव संख्याओं पर बहस कर सकते हैं, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि बाजार के बाद दौर कम और कम अस्थिर होगा।
विदेशी मंत्री एस जयशंकर एनएसई के एक सेमिनार 'इंडियाएन कैपिटल मार्केट्स: विकसित भारत के लिए रोड मैप' में बोल रहे थे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार के निवेशकों के बीच मौजूदा अनिश्चितता भारत में चल रहे संसदीय चुनावों के कारण है। पिछले सप्ताह से बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
जयशंकर ने चुनाव परिणामों के बाद निवेश को और मजबूत करने की बात कहकर निजी निवेश के लिए विश्वास दिखाया। उन्होंने कहा, 'मुझे निश्चित रूप से अधिक विदेशी निवेश आने की संभावना दिख रही है, लेकिन अभी निवेशक चार जून के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भविष्य की व्यापार प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला, उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को प्राथमिकता देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता के बारे में बताया।
उन्होंने इस तरह के समझौते की जटिलताओं को स्वीकार करते हुए कहा, "यूरोपीय संघ के साथ एक एफटीए सबसे कठिन एफटीए है, सबसे जटिल एफटीए है क्योंकि एफटीए में बहुत सारे गैर-व्यापारिक मुद्दे शामिल हैं।" उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद यह है कि अगर हमारी बातचीत में सबकुछ ठीक होता है, तो यह निश्चित रूप से हमारी व्यापार प्राथमिकताओं में से एक होगा।"