अगले कुछ दिनों में एलईडी टीवी के दाम एक बार फिर बढ़ने वाले हैं। विनिर्माता कंपनियां ओपन सेल पैनल जैसे कच्चे माल के दाम बढ़ने और ढुलाई की लागत में हुए इजाफे की भरपाई के लिए 3-4 फीसदी दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। इससे पहले अप्रैल में भी कंपनियों ने 6 हजार रुपये तक दाम बढ़ाए थे।
पैनासॉनिक, हायर और थॉमसन जैसी कंपनियां जून के अंत तक अपने उत्पादों के दाम 2 हजार रुपये तक बढ़ा सकती हैं। पैनासॉनिक इंडिया के सीईओ मनीष शर्मा ने कहा, पैनल सहित कई कमोडिटी के दाम वैश्विक बाजार में काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। इसकी भरपाई के लिए हमारे पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
लिहाजा हम 3-4 फीसदी वृद्धि करने की तैयारी में हैं। हायर एप्लाइंसेज इंडिया के अध्यक्ष एरिक ब्रेगेंजा ने भी कहा, हमारे पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। वैश्विक बाजार में 32 इंच और 42 इंच एलईडी के पैनल के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर हमारी लागत पर दिख रहा है।
4 गुना बढ़ चुके पैनल के दाम
टेलीविजन निर्माण में ओपन सेल पैनल की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी होती है। फ्रें च कंपनी थॉमसन के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 40 इंच टीवी वाले पैनल के दाम 3 फीसदी तक बढ़े हैं। जून 2020 से अब तक ओपन सेल पैनल की कीमतों में 300-400 फीसदी का इजाफा हो चुका है। आगे भी इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान है। सरकार ने पिछले साल पैनल पर आयात शुल्क शून्य कर दिया था, जो अक्तूबर 2020 के बाद 5 फीसदी हो गया है।
7 गुना बढ़ गया माल ढुलाई खर्च
भारत में अधिकतर ओपन सेल का आयात चीन से होता है, लेकिन समुद्री माल ढुलाई और घरेलू बाजार में लॉजिस्टिक का खर्च काफी बढ़ चुका है। चीन के शेनझेन से मुंबई के दक्षिण में स्थित जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह तक माल ढुलाई का खर्च 4,200 डॉलर हो चुका है, जो डेढ़ साल पहले तक 600 डॉलर था। इसके अलावा घरेलू बाजार में भी ईंधन के दाम बेतहाशा बढ़ने से सड़क मार्ग से माल ढुलाई भी महंगी हो गई है। भारत में हर साल करीब 25 हजार करोड़ के टेलीविजन की बिक्री होती है।