भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम जी रंजन ने कौशल विकास के जरिए मानव पूंजी में सुधार की पुरजोर वकालत करते हुए कहा है कि दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा रोजगार सृजन के दबाव का सामना कर रही है।
अमेरिका के शिकागो बूथ में वित्त विभाग के प्रोफेसर राजन ने कहा कि देश को विकास के पथ पर चलते हुए हर स्तर पर रोजगार सृजन की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'नौकरियां सबसे महत्वपूर्ण दबाव बिंदु हैं। अगर हमारे पास निजी क्षेत्र में कई और नौकरियां दिखाई दे रही होतीं, तो क्या आरक्षण पर इतना दबाव होता? उन्होंने खेद व्यक्त किया कि राज्य अपने निवासियों के लिए नौकरियों को आरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति है।
उन्होंने कहा कि यह इस तथ्य की ओर से इशारा करता है कि हम नौकरियां प्रदान नहीं कर रहे हैं। मैं कहूंगा कि यह प्राथमिक चिंता का विषय है। राजन ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "हम एकजुट देश हैं। आप अपने राज्य में राज्य के लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित नहीं कर सकते। यह सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए। हमें एक-दूसरे के पलायन से बहुत फायदा हुआ है।
राजन ने आगे कहा, "अगर हम मानव पूंजी में सुधार करते हैं, तो आज की सबसे बड़ी समस्या, जिन नौकरियों की हमें जरूरत है, वे अपने आप आ जाएंगी... यदि आप कार्यबल की गुणवत्ता में भी सुधार करते हैं, तो कंपनियां भारत आएंगी। हम लगातार उद्यमियों से सुनते हैं (कि उन्हें) अच्छे श्रमिक मिलने को लेकर संदेह है।" उन्होंने कहा कि कौशल प्रदान कर के औसत स्तर की नौकरियों को अच्छी नौकरियों में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा, 'इसलिए यह वास्तव में इस बारे में है कि हम लंबा दृष्टिकोण अपनाकर ऐसा कैसे करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने के हम 2047 में एक ऐसी आबादी का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं जिसकी उच्च मध्यम आय हो सकती है। राजन ने विकेंद्रीकरण और लोकतांत्रिक संस्थानों में सुधार पर ध्यान देने के साथ शासन में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें शासन में सुधार की जरूरत है। जिसका मतलब है कि हमे लोकतंत्र के निर्माण और विकेंद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अच्छे विकेंद्रीकरण का एक उदाहरण एक ऐसा दैनिक प्रशासन है जिसे गरीबों और मध्यम वर्ग को शिक्षा, मोबाइल ऐप क्लीनिक आदि जैसी सामाजिक सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत लोकतंत्र की जरूरत है, कमजोर लोकतंत्र की नहीं, इसके अलावा वितरण को मजबूत करने और अधिक समावेशी बनने के अलावा हमारे सभी लोगों को अपने साथ लेकर चलने की जरूरत है। हमें लोगों, उद्यमियों के लिए अवसर पैदा करने की जरूरत है।