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'उन वर्ष के संकटों से..': बजट में सीतारमण का एलान- 2014 से पहले के आर्थिक कुप्रबंधनों पर श्वेतपत्र लाएगी सरकार

Thu, 01 Feb 2024 03:03 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सदन में अंतरिम बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास के दम पर सरकार जनता तक पहुंची। उस समय सबसे ज्यादा जरूरत थी कि लोगों को आशा की किरण दिखें
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निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सदन में अंतरिम बजट पेश कीं। उन्होंने सदन में बताया कि इन दस वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था में काफी विकास हुआ है। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्धव्यवस्था ने काफी तरक्की की है। 
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सदन में सीतारमण ने कहा, 'साल 2014 में जब हमने सत्ता की बागडोर संभाली थी, तब अर्थव्यवस्था को दुरुस्त और शासन प्रणाली को सही रास्ते पर लाने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी थी। सबका विकास के मंत्र के साथ सरकार ने इन चुनौतियों का सामना किया।'

श्वेतपत्र लाएगी सरकार
अंतरिम बजट पेश करने के साथ ही मोरारजी देसई के बाद निर्मला सीतारमण देश की दूसरी वित्त मंत्री बन चुकी है, जिन्हें छह बार बजट पेश करने का मौका मिला है। सदन में अंतरिम बजट पेश करते हुए उन्होंने बताया कि जन कल्याणकारी योजनाओं और विकास के दम पर सरकार जनता तक पहुंची। सीतारमण ने कहा, 'उस समय सबसे ज्यादा जरूरत थी कि लोगों को आशा की किरण दिखें, निवेश आर्षित किया जा सकें और सुधार के लिए आवश्यक समर्थन जुटाया जा सके। 'राष्ट्र प्रथम' के मजबूत विश्वास के साथ हमने इसे सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। हमने इन संकटों को दूर कर लिया है।'
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उन्होंने बताया कि हमने सामाजिक और भौगोलिक समावेश के साथ काम किया। 'सबका प्रयास' के मंत्र के साथ हमने कोरोना के दौर का सामना किया और अमृतकाल में प्रवेश किया। इसके नतीजतन हमारा युवा देश के पास अब बड़ी आकांक्षाएं और उम्मीदें हैं। जनता ने सरकार को फिर बड़े जनादेश के साथ चुना। हमने दोगुनी चुनौतियों को स्वीकार किया और सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ काम किया।

सीतारमण ने आगे कहा, 'अब यह देखना है कि 2014 में हम कहां थे और अब हम कहां हैं? हम उन वर्षों के कुप्रबंधन से सबक सीख सकें, इसलिए सरकार सदन के पटल पर एक श्वेत पत्र प्रस्तुत करेगी।' 
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