केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, महिलाओं, युवाओं और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार ने कई नई योजनाएं और सुविधाएं शुरू करने बात कही है। बजट पर उद्योग जगत के कई विशेषज्ञों ने अहम राय दी है। इनमें भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंडल महासंघ (फिक्की) से लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रमुखों तक ने अहम जानकारियां साझा की हैं।
क्या बोले फिक्की के प्रमुख?
फिक्की के सुभ्रकांत पांडा ने कहा, "इस बजट में जो चीज सबसे अलग थी, वह था सरकार का फोकस ग्रुप, जिसके तहत वह महिलाओं, गरीबों, युवाओं और किसानों के लिए विकास का ढांचा तैयार कर रही। बजट में हरित विकास और समावेशी विकास पर भी जोर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि सरकार के इस अंतरिम बजट में 75,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित भारत के लिए राज्य-स्तर पर भी मजबूती से फोकस किया गया है।
सीआईआई प्रमुख ने कही ये बात
वहीं, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रमुख के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने भी अंतरिम बजट पर अपना नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अलग-अलग वर्गों के लिए काम किया जा रहा है। चाहे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बात हो या आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने से जुड़े एलान हों या महिलाओं के विकास पर ध्यान। यह सभी काफी अहम क्षेत्र हैं। हम कह सकते हैं कि यह काफी विवेकपूर्ण बजट है, जो कि भारत के लिए मजबूत पथ की नींव रखता है।