बीमा क्षेत्र में दिसंबर 2014 से जनवरी 2024 तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के रूप में 53,900 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने सोमवार इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सरकार द्वारा विदेशी पूंजी प्रवाह मानदंडों के उदारीकरण का परिणाम है।
उन्होंने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि सरकार ने 2014 में एफडीआई की अनुमति सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 2015 में 49 प्रतिशत और फिर 2021 में 74 प्रतिशत कर दी। हालांकि, जोशी ने बताया कि बीमा मध्यस्थों के लिए स्वीकार्य एफडीआई सीमा 2019 में बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई थी। परिणामस्वरूप, दिसंबर 2014 और जनवरी 2024 के बीच बीमा कंपनियों में 53,900 करोड़ रुपये का एफडीआई प्राप्त हुआ।
इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने अगस्त 2000 में बीमा क्षेत्र में पंजीकरण के लिए आवेदन के निमंत्रण के साथ बाजार खोला था और विदेशी कंपनियों को 26 प्रतिशत तक स्वामित्व की अनुमति थी।
तब से, भारत में कई बीमा कंपनियों ने अपने परिचालन को बढ़ाने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल किया है। एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, मैक्स लाइफ और अन्य जैसी निजी जीवन बीमा कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण एफडीआई आकर्षित किया है।
ईडी ने कारोबारी की 16 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने 3,600 करोड़ रुपये से अधिक के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में धन शोधन की चल रही जांच के संबंध में रीयल्टी कंपनी एम्मार एमजीएफ के पूर्व प्रबंध निदेशक श्रवण गुप्ता की दिल्ली में 16 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन और फार्महाउस अटैच किया है। केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस मामले में कारोबारी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है और नवंबर 2019 में देश से भागने के बाद से उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही जारी है।
टीसीएस में 2.34 करोड़ शेयर बेचेगी टाटा संस
टाटा संस हिस्सा घटाने के तहत टीसीएस में अपने 2.34 करोड़ शेयरों को बेचने की तैयारी कर रही है। 4,001 रुपये प्रति शेयरों पर यह सौदा होगा, जिसकी कुल रकम 9,300 करोड़ रुपये होगी। टीसीएस का शेयर सोमवार को 1.72 फीसदी गिरकर 4,144.75 रुपये पर बंद हुआ। यानी इस आधार पर करीब चार फीसदी डिस्काउंट पर टाटा संस शेयर बेचेगी। हाल में यह शेयर 4,400 रुपये के पार चला गया था। टीसीएस का कुल बाजार पूंजीकरण 15 लाख करोड़ के करीब है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी मूल्यवान कंपनी है।
देश में चीनी का उत्पादन घटकर 280.7 लाख टन
देश का शुद्ध चीनी उत्पादन अक्तूबर, 2023 में शुरू हुए चालू विपणन वर्ष में 15 मार्च तक मामूली घटकर 280.79 लाख टन रह गया है। पिछले साल 15 मार्च तक यह आंकड़ा 282.60 लाख टन रहा था। भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 15 मार्च को चालू कारखानों की संख्या 371 थी। पिछले साल इस दिन तक 325 मिलें परिचालन में थीं। इस अवधि में उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन 79.63 लाख टन से बढ़कर 88.40 लाख टन पहुंच गया। हालांकि, महाराष्ट्र में उत्पादन 101.92 लाख टन से मामूली घटकर 100.50 लाख टन रह गया। कर्नाटक में भी यह 53.50 लाख टन से कम होकर 47.55 लाख टन रह गया।
धीमी रह सकती है आईटी उद्योग की वृद्धि दर
अमेरिका व यूरोप जैसे बाजारों में अनिश्चितता से घरेलू आईटी उद्योग की वृद्धि धीमी रहने की उम्मीद है। इक्रा ने कहा, वित्त वर्ष 2024 की पहली तीन तिमाहियों में 2 फीसदी की मामूली राजस्व वृद्धि की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2025 में 5 फीसदी तक बढ़त संभव है।
सेमीकंडक्टर सुविधा लगाएगी आरआरपी
आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स ने यूरोपीय समूह के साथ एक संयुक्त उद्यम समझौता किया है। इसके तहत कंपनी अगले हफ्ते महाराष्ट्र में 25,000 वर्ग फुट में सेमीकंडक्टर सुविधा स्थापित करेगी। आरआरपी ने कहा, वह पांच वर्षों में दो चरणों में 5,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।