लगातार बढ़ रही महंगाई का असर आम आदमी की थाली पर भी पड़ रहा है। एक साल में खाद्य तेल से लेकर आलू और चायपत्ती तक की कीमतें बढ़ी हैं। गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी से आटे के दाम 12 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे ब्रेड, बिस्कुट और आटे से बनने वाले उत्पाद भी जल्द महंगे हो जाएंगे।
| उत्पाद | 9 मई, 2021 | 9 मई,2022 | इजाफा |
| मसूर दाल | 84.34 | 96.77 | 14.73 फीसदी |
| चीनी | 39.75 | 41.48 | 4.35 फीसदी |
| चायपत्ती | 265.94 | 284.75 | 7.07 फीसदी |
| आलू | 17.76 | 22.46 | 26.46 फीसदी |
| टमाटर | 17.93 | 38.26 | 113.38 फीसदी |
| दूध | 47.85 | 51.38 | 7.37 फीसदी |
| मूंगफली तेल | 175.73 | 187.11 | 6.47 फीसदी |
| सरसों तेल | 164.87 | 185.52 | 12.52 फीसदी |
| वनस्पति तेल | 130.67 | 163.45 | 25.08 फीसदी |
| सोया तेल | 147.74 | 170.33 | 15.29 फीसदी |
| सूर्यमुखी | 168 | 192.34 | 14.48 फीसदी |
| पाम तेल | 132.94 | 159.51 | 19.98 फीसदी |
(सोर्स : उपभोक्ता मंत्रालय, भाव प्रति किलो और लीटर में)
एक साल में 30 फीसदी बढ़े दाम
आंकड़ों के मुताबिक, गेहूं की कीमत शनिवार को बढ़कर 32.78 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी। यह एक साल पहले के 30 रुपये से 9.15 फीसदी ज्यादा है। 156 केंद्रों पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को पोर्ट ब्लेयर में आटे की कीमत सबसे ज्यादा 59 रुपये प्रति किलो थी, जबकि पश्चिम बंगाल में सबसे कम 22 रुपये प्रति किलो थी।