लाल सागर संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश का निर्यात जनवरी, 2024 में 3.12 फीसदी बढ़कर तीन महीने के उच्चस्तर 36.92 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आयात भी लगातार दो माह तक घटने के बाद करीब तीन फीसदी बढ़कर 54.41 अरब डॉलर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, आयात बढ़ने के बावजूद देश का व्यापार घाटा पिछले महीने कम होकर नौ महीने के निचले स्तर 17.49 अरब डॉलर पर आ गया। इससे पहले व्यापार घाटा अप्रैल, 2023 में सबसे कम 15.24 अरब डॉलर रहा था। जनवरी, 2023 में यह 17.03 अरब डॉलर था।
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि भारत ने लाल सागर संकट, विकसित देशों में सुस्ती और जिंसों की कीमतों में गिरावट के बावजूद जनवरी में उत्पाद निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, लाल सागर में पैदा संकट से मालढुलाई की लागत बढ़ गई है। इससे निर्यातकों की खेप पर असर पड़ रहा है। इस मार्ग से गुजरने वाले कुछ जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमलों ने मार्ग बदलने पर मजबूर कर दिया है।
18 क्षेत्रों में सकारात्मक वृद्धि
जनवरी में लौह अयस्क, मसाले, तिलहन, तेल खली, कालीन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चाय, दवाएं, पेट्रोलियम उत्पाद, कॉफी, इंजीनियरिंग उत्पाद और रसायन सहित 30 प्रमुख क्षेत्रों में से 18 में सकारात्मक वृद्धि देखी गई। सेवा निर्यात बढ़कर 32.8 अरब डॉलर पहुंच गया। जनवरी, 2023 में 28 अरब डॉलर था।
सोना आयात में 174 फीसदी उछाल
आंकड़ों के मुताबिक, कच्चे तेल का आयात जनवरी में 4.33 फीसदी बढ़कर करीब 16.56 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। सोने का आयात करीब 174 फीसदी उछलकर 1.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
10 महीने में कम हुआ व्यापार घाटा
चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने यानी अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल निर्यात 4.89 फीसदी घटकर 353.92 अरब डॉलर रह गया। आयात भी 6.71 फीसदी घटकर 561.12 अरब डॉलर हो गया। व्यापार घाटा भी अप्रैल-जनवरी, 2022-23 के 229.37 अरब डॉलर से घटकर 207.2 अरब डॉलर रह गया। इन 10 महीनों में सेवा निर्यात 267.5 अरब डॉलर से बढ़कर 284.45 अरब डॉलर पहुंच गया। क्रूड आयात 15.91 फीसदी घटकर 146.75 अरब डॉलर रह गया। सोने का आयात 301.7 फीसदी बढ़कर 38 अरब डॉलर पहुंच गया।
वैश्विक निर्यात में बढ़ी हिस्सेदारी
वैश्विक निर्यात में भारत का हिस्सा 2022 में 10.35 फीसदी पहुंच गया। 2014 में यह 8 फीसदी था।