भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 16 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान 4.546 अरब डॉलर बढ़कर 674.664 अरब डॉलर हो गया। आरबीआई ने शुक्रवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए। पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 4.8 अरब डॉलर घटकर 670.119 अरब डॉलर रह गया था। 2 अगस्त को समग्र भंडार 674.919 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 16 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां, जो भंडार का एक प्रमुख घटक हैं, 3.609 अरब डॉलर बढ़कर 591.569 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में व्यक्त विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों की वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल होता है। समीक्षाधीन सप्ताह में विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 60 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.341 बिलियन डॉलर हो गए। सप्ताह के दौरान आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति 12 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.65 बिलियन डॉलर हो गई।
अगले छह वर्षों में बिजली की मांग 15 गीगावाट प्रति की दर से बढ़ेगी
देश में बिजली की मांग पिछले एक दशक के 11GW प्रति वर्ष की तुलना में अगले छह वर्षों में 15GW प्रति वर्ष की उच्च दर से बढ़ेगी। शुक्रवार को एक वरीय सरकारी अधिकारी ने आईईईएमए की ओर से आयोजित एक उद्योग सम्मेलन में यह बात कही। अतिरिक्त ऊर्चा सचिव श्रीकांत नागुलापल्ली ने कहा कि 2030 तक सौर घंटों के दौरान लगभग 85 गीगावाट अतिरिक्त मांग और गैर सौर घंटों के दौरान पीक मांग में 90 गीगावाट से अधिक की वृद्धि होगी। नागुलापल्ली ने कहा, "... सीएजीआर इन संख्याओं को सही ढंग से प्रतिबिंबित नहीं कर सकता है, लेकिन इसमें एक बड़ी छलांग दिख सकती है। इस वृद्धि को पूरा करने के लिए हमारी कोयला क्षमता के अलावे सौर, पवन, भंडारण और ट्रांसमिशन क्षमता का पर्याप्त विस्तार किया जा रहा है।"
आवासीय कीमतों की वृद्धि से जुड़ी वैश्विक सूची में मुंबई और दिल्ली दूसरे व तीसरे नंबर पर
जून तिमाही में आवास की कीमतों में सालाना बढ़ोतरी के मामले में वैश्विक स्तर पर 44 शहरों में मुंबई दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर है। नाइट फ्रैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर 44 शहरों में वार्षिक मूल्य वृद्धि 2024 कैलेंडर वर्ष की दूसरी तिमाही में धीमी होकर 2.6 प्रतिशत रह गई, जो पिछली तिमाही में 4.1 प्रतिशत थी। इस तिमाही के दौरान वैश्विक स्तर पर मनीला 26 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ पहले स्थान पर रहा।
प्रमुख आवासों की कीमत में वार्षिक 13 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि के साथ मुंबई इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा, जो एक साल पहले छठे स्थान था। नई दिल्ली में प्रमुख आवासीय संपत्ति की कीमतों में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और आवासीय कीमत की वृद्धि मामले में यह एक साल पहले 26वें स्थान से छलांग लगातार तीसरे स्थान पर पहुंच गई।
बेंगलुरु में सालाना मूल्य वृद्धि में 3.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इसकी रैंकिंग 15वीं रही। नाइट फ्रैंक ने कहा, "देश के सबसे बड़े आवासीय बाजार होने के नाते, प्रमुख आवासीय संपत्तियों में मजबूत मूल्य वृद्धि देश की समृद्ध आबादी की बढ़ती संपत्ति और बढ़ती आकांक्षाओं का एक मजबूत संकेतक है।"
फॉक्सकॉन ने कर्नाटक इकाई में 1,200 करोड़ रुपये का किया निवेश
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फॉक्सकॉन ने कर्नाटक स्थित अपनी कंपनी फॉक्सकॉन होन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में करीब 1,200 करोड़ रुपये (लगभग 14.4 करोड़ डॉलर) का निवेश किया है। अनुबंध पर आईफोन बनाने वाली कंपनी की सिंगापुर इकाई फॉक्सकॉन सिंगापुर प्राइवेट ने 21 अगस्त को 10 रुपये प्रति शेयर की दर से फॉक्सकॉन होन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के 120.35 करोड़ से अधिक शेयर खरीदे हैं।
कर्नाटक सरकार ने पिछले सप्ताह बयान में कहा था कि फॉक्सकॉन डोड्डा बल्लापुर के निकट एक विशाल विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है, जिससे 40,000 नौकरियां पैदा होंगी। कर्नाटक सरकार ने राज्य में अपनी आगामी मोबाइल विनिर्माण इकाई के लिए फॉक्सकॉन को 300 एकड़ जमीन आवंटित की है।
फॉक्सकॉन के चेयरमैन यंग लियू के बयान के हवाले से कहा गया, कर्नाटक में स्थित यह इकाई जल्द ही चीन के बाद फॉक्सकॉन का दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र होगी। इससे 40,000 प्रत्यक्ष रोजगार, खास तौर पर मध्यम स्तर के शिक्षित व्यक्तियों के लिए पैदा होंगे। हमारा निवेश यहीं नहीं रुकेगा। भविष्य में, हम अन्य क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशने की योजना बना रहे हैं। हालिया निवेश के साथ, फॉक्सकॉन सिंगापुर ने कर्नाटक इकाई में कुल 13,800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
गोल्डमैन सैश ने आर्थिक वृद्धि दर का घटाया अनुमान
गोल्डमैन सैश ने 2024 और 2025 के लिए भारत के जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान में कटौती की है। दोनों वर्षों के लिए आर्थिक वृद्धि दर में 0.20-0.20 फीसदी की कमी का अनुमान है।
बैंक का मानना है कि कैलेंडर साल 2024 के बीच भारतीय जीडीपी की वृद्धि दर 6.7 फीसदी रह सकती है। 2025 में यह 6.4 फीसदी रह सकती है। बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 फीसदी से नीचे लाने की सरकार की प्रतिबद्धता के कारण अगले वर्ष भारत की आर्थिक वृद्धि दर बाधित होगी।
सूचीबद्ध एसएमई को लेकर सावधानी बरतें सीए- सेबी
बाजार नियामक सेबी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से कहा, वे शेयर बाजार में सूचीबद्ध छोटी व मझोली कंपनियों (एसएमई) का ऑडिट करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने एक कार्यक्रम में कहा, यही कंपनियां भविष्य में मुख्य एक्सचेंज का हिस्सा बनेंगी। ऐसे में पहले से इन्हें लेकर सतर्क रुख अपनाएं।
भाटिया ने शुक्रवार को कहा, हमने छोटी और मझोली कंपनियों के एक्सचेंज पर कुछ चुनौतियां देखी हैं। ऐसे में जहां तक एसएमई आईपीओ और फंड जुटाने का सवाल है, तो अतिरिक्त सावधानी बरतें। अगर सीए अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाते हैं तो सेबी की कई जांच और आदेश की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हाल ही में सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने एसएमई मंच की सूचीबद्धता व कारोबार में मूल्य हेरफेर को लेकर चिंता जताई थी।
आईपीओ से जुटाए गए 14,000 करोड़
भाटिया ने कहा, ऐसी कंपनियों ने सार्वजनिक प्रारंभिक निर्गम (आईपीओ) से 14,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इनमें से 6,000 करोड़ रुपये सिर्फ 2023-24 में जुटाए गए हैं। उन्होंने सीए की तुलना डॉक्टरों से करते हुए कहा, वे कंपनियों के व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करके प्रथम स्तर के नियामक के रूप में कार्य करते हैं।