भारत ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 40,010 पेटेंट दिए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच (एक्स) पर लिखा, भारतीय पेटेंट कार्यालय ने चालू वित्त वर्ष में 15 नवंबर तक रिकॉर्ड 41,010 पेटेंट प्रदान किया है। 2013-14 में सिर्फ 4,227 पेटेंट प्रदान किए गए थे। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिकेटर्स (डब्ल्यूआईपीआई) रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीयों ने 2022 में पेटेंट के लिए 31.6 फीसदी ज्यादा आवेदन किए। पेटेंट आवेदनों के लिहाज से यह शीर्ष-10 देशों की तुलना में पिछले 11 वर्षों में सर्वाधिक वृद्धि है।
भारत की यात्रा में मील का पत्थर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह नवाचार संचालित ज्ञान अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत की यात्रा में मील का एक पत्थर है। भारत में पेटेंट आवेदनों में वृद्धि हमारे युवाओं के बढ़ते नवोन्वेषी उत्साह को दर्शाती है। यह आने वाले समय के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है। पेटेंट की रिकॉर्ड संख्या अनुसंधान, विकास व तकनीकी नवाचार पर देश के बढ़ते जोर को दर्शाती है। सरकार इस क्षेत्र में योगदान को प्रोत्साहन दे रही है।
पिछले साल घट गई थी रफ्तार
डब्ल्यूआईपीआई रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में चीन, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी सबसे अधिक पेटेंट दाखिल करने वाले देश थे। चीन के नवोन्मेषकों की सभी वैश्विक पेटेंट आवेदनों में करीब आधा हिस्सेदारी है। हालांकि, आवेदन के लिहाज से भारत की वृद्धि दर 2021 के 6.8 फीसदी से घटकर 2022 में 3.1 फीसदी रह गई थी।