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India-EFTA Trade Pact: अब कम कीमत पर मिलेंगी स्विस घड़ियां-चॉकलेट; जानें भारत-EFTA समझौते के बारे में सब कुछ

Sun, 10 Mar 2024 10:45 PM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India-EFTA Trade Pact: व्यापार और निवेश को बढ़वा देने के लिए भारत और यूरोपीय देशों ने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। इससे अब लोगों को स्विस घड़ियां, बिस्किट और चॉकलेट जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद कम दामों पर मिलेंगे।  
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India-EFTA TEPA - फोटो : X/PiyushGoyal
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विस्तार
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देश में अब लोगों को स्विस घड़ियां, बिस्किट और चॉकलेट जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद कम कीमतों पर मिलेंगे। दरअसल, भारत ने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के चार सदस्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इन चार देशों में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिस्टेंस्टीन शामिल हैं।

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व्यापार और निवेश को बढ़वा देने के लिए भारत और यूरोपीय देशों ने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। एक अधिकारी ने कहा, विभिन्न देशों के बीच इन समझौतों को लागू करने की प्रक्रिया में एक साल तक का समय लगेगा। हम स्विस घड़ियों और चॉकलेट पर शुल्क रियायत दे रहे हैं। कुछ प्रसिद्ध स्विस घड़ी ब्रांड रोलेक्स, ओमेगा और कार्टियर हैं। 

नेस्ले भी एक स्विस ब्रांड है। यह भारतीय एमएमसीजी उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी है और भारत में चॉकलेट बनाती है। यह भारतीय एमएमसीजी खंड में तीसरी सबसे बड़ी सूचीबद्ध इकाई है। आर्थिक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएिव (जीटीआरआई)  भारत ने समझौते के तहत स्विट्जरलैंड से आयातित कई उत्पादों को शुल्क रियायत की अनुमति दी है।  

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, भारत की जल्द ही कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पादों तक पहुंच होगी। देश ने 7-10 वर्षों में कई स्विस सामानों पर शुल्क हटाने का फैसला किया है। 

स्विट्जरलैंड की मंत्री ने की समझौते की सराहना
स्विट्जरलैंड की मंत्री हेलेन बुडलिगर अर्टीडा ने भारत और ईएफटी के बीच 100 अरब डॉलर के मुक्त व्यापार समझौते की सराहना की और कहा कि भारत दुनिया का विनिर्माण हब होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से गुणवत्ता वाले सामान स्विट्जरलैंड में एक बहुत खुला बाजार हासिल करेंगे और इससे व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते से भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। 

उन्होंने कहा, यह हमारे लिए खुशी का क्षण है। हम 16 साल से ज्यादा समय से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि हम पिछले आठ महीनों के दौरान इसे आगे बढ़ाने में कामयाब रहे। भारतीय बाजार के आकार के कारण यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन हम केवल भारतीय बाजार के आकार पर दांव नहीं लगा रहे हैं, बल्कि हम भारत की सफलता की कहानी पर भरोसा करते हैं। 
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सोने पर कोई रियायत नहीं
समझौता लागू होने के बाद पांच साल में कटे एवं पॉलिश हीरों पर शुल्क पांच फीसदी से घटकर 2.5 फीसदी रह जाएगा। हालांकि, भारत ने सोने पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। दस्तावेज पर इसने 40 फीसदी की निर्धारित दर पर एक फीसदी की रियायत की पेशकश की है, लेकिन प्रभावी शुल्क 15 फीसदी पर बना हुआ है।

कई उत्पादों पर से हटेंगे शुल्क
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा, व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के तहत भारत ने सात से 10 वर्षों में कई स्विस उत्पादों पर से शुल्क हटाने का फैसला किया है। इससे भारतीय ग्राहकों को कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद मिल सकेंगे। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ट्यूना व सैल्मन जैसे समुद्री भोजन, कॉफी कैप्सूल, कॉड लिवर व जैतून तेल, स्मार्टफोन, साइकिल के पुर्जे, चिकित्सा उपकरण, दवाएं, डाई और मशीनरी उपकरण भी भारत  में सस्ते हो सकते हैं।

शराब पर मिलेगी छूट
जीटीआरआई के मुताबिक, शराब पर शुल्क में छूट ऑस्ट्रेलिया को दी गई रियायत के समान है। हालांकि, पांच डॉलर से कम कीमत वाली शराब पर कोई रियायत नहीं है। पांच से 15 डॉलर के बीच कीमत वाली शराब पर पहले साल में शुल्क 150 फीसदी से घटकर 100 फीसदी रह जाएगी। फिर, 10 वर्षों में धीरे-धीरे यह घटकर 50 फीसदी रह जाएगी।

स्विट्जरलैंड से आयात होने वाले उत्पाद
सोना- 12.6 अरब डॉलर
मशीनरी- 40.9 करोड़ डॉलर
फार्मा- 30.9 करोड़ डॉलर
कूकिंग कोल- 38 करोड़ डॉलर
ऑप्टिकल उपकरण- 29.6 करोड़ डॉलर
सोयाबीन तेल- 20.2 करोड़ डॉलर
चॉकलेट- 70 लाख डॉलर

भारत-ईएफटीए के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 18.65 अरब डॉलर रहा था। 2021-22 में दोनों के बीच 27.23 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। भारत व स्विट्जरलैंड के बीच पिछले वित्त वर्ष में 17.14 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था, जबकि व्यापार घाटा 14.45 अरब डॉलर था।
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