स्विट्जरलैंड के संघीय मंत्रिमंडल ने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते की मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू की है। भारत और नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन वाले यूरोपीय ब्लॉक इस समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इस महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल्स, विनिर्माण, नई प्रौद्योगिकियों और मशीनरी सहित कई क्षेत्रों में व्यापार का विस्तार करना है। मेगा ट्रेड डील के तहत, चार यूरोपीय देश अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन अमरीकी डालर का निवेश करने पर विचार कर रहे हैं। प्रत्येक हस्ताक्षरकर्ता देश को इसके रोल आउट के लिए समझौते पर कैबिनेट की मंजूरी लेनी होगी।
स्विस सरकार ने एक बयान में कहा, बुधवार को संघीय परिषद ने ईएफटीए राज्यों और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर एक चर्चा की। संघीय परिषद, जो स्विस संघीय कैबिनेट है, देश में सर्वोच्च कार्यकारी प्राधिकरण है। ट्रेड डील में भारत से आयात के लगभग 98 प्रतिशत पर सीमा शुल्क समाप्त करने का प्रावधान है।
स्विट्जरलैंड ने बयान में कहा, "16 साल की बातचीत के बाद, स्विट्जरलैंड और अन्य ईएफटीए राज्य भारत के साथ एफटीए करने वाले पहले यूरोपीय भागीदार बनने में सफल रहे हैं।" इसमें कहा गया है, "जब यह समझौता लागू होगा, तो भारत स्विटजरलैंड के मौजूदा निर्यात का 94.7 प्रतिशत टैरिफ राहत का लाभ उठाएगा। इससे भारत में स्विस निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होगी।" स्विस रीडआउट में कहा गया है, "मुक्त व्यापार समझौते में पहली बार, EFTA राज्य भारत में निवेश बढ़ाने और इस तरह से रोजगार सृजन के उद्देश्य से विभिन्न प्रोत्साहन गतिविधियों के लिए खुद को प्रतिबद्ध कर रहे हैं।"