करदाताओं के लिए यह खबर काम की है। आयकर विभाग ने कहा है कि नए आईटीआर पोर्टल पर कई तकनीकी मुद्दों का समाधान किया गया है। आयकर विभाग ने पोर्टल पर करदाताओं की गतिवधियों की जानकारी दी। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक 1.19 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं। इनमें से 76.2 लाख करदाताओं ने रिटर्न भरने के लिए पोर्टल की ऑनलाइन यूटिलिटी का इस्तेमाल किया।
94.88 लाख से ज्यादा ITR हुए ई-वेरिफाई
विभाग ने बताया कि सात सितंबर तक 8.83 करोड़ विशिष्ट करदाताओं ने पोर्टल पर 'लॉगइन' किया। सितंबर महीने में रोजाना औसतन 15.55 लाख करदाताओं ने पोर्टल पर लॉगइन किया। इसके अलावा अभी तक 94.88 लाख से ज्यादा इनकम टैक्स रिटर्न को ई-वेरिफाई भी किया जा चुका है।
सात जून को हो हुई थी नए आयकर पोर्टल की शुरुआत
मालूम हो कि गत सात जून को काफी जोरशोर से नए आयकर पोर्टल www.incometax.gov.in की शुरुआत की गई थी। शुरुआत से ही पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसी के चलते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंफोसिस के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इंफोसिस ने ही इस नई वेबसाइट को तैयार किया है। इंफोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा था कि, 'हम नए पोर्टल पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हम बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। बड़ी संख्या में आईटीआर भी दाखिल किए गए हैं।'
वेबसाइट के लिए इंफोसिस को मिले 4242 करोड़
इंफोसिस को 2019 में आयकर विभाग की नई वेबसाइट तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट 4242 करोड़ रुपये में मिला था। इससे पहले 2015 में जीएसटी पोर्टल बनाने का ठेका भी इंफोसिस को 1380 करोड़ रुपये में दिया गया था। 2017 में पोर्टल शुरू होने के बाद कई तकनीकी समस्या आई और इसके बाद सरकार ने कंपनी को इसे दूर करने का निर्देश दिया था।