प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद और साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव को राज्य में कथित अवैध खनन से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए तलब किया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसाद उर्फ पिंटू को 16 जनवरी को, यादव को 11 जनवरी को और एक अन्य व्यक्ति बिनोद सिंह को 15 जनवरी को एजेंसी के रांची कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
ईडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उनके बयान धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किए जाएंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन जनवरी को उनके और साहिबगंज के पुलिस उपाधीक्षक राजेंद्र दुबे तथा कुछ अन्य के परिसरों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई साहिबगंज में चल रहे अवैध पत्थर खनन के एक मामले से संबंधित है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का अपराध हुआ है।
बयान में कहा गया है, "साहिबगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन गतिविधियां की जा रही थीं और इस अधिनियम की सीमा का पता लगाने के लिए, झारखंड सरकार के प्रशासनिक, वन, खनन और प्रदूषण नियंत्रण विभागों के साथ ईडी के अधिकारियों द्वारा के 20 संयुक्त निरीक्षण किए गए।" ईडी ने कहा, "संयुक्त निरीक्षण में भारी अवैध खनन के साथ-साथ भूमि और वन क्षेत्र के लिए खतरे की पुष्टि हुई, जिससे पर्यावरण को नुकसान होगा।"
झारखंड पुलिस ने सोरेन के राजनीतिक सलाहकारों में से एक बिष्णु यादव, पवित्र यादव, पंकज मिश्रा तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। ईडी ने कहा कि बाद में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले लिया।
जांच में पाया गया है कि अवैध खनन के इस मामले का 'सरगना' पंकज मिश्रा था। ईडी ने उन्हें जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। संघीय एजेंसी ने छापेमारी के बाद एक बयान में कहा कि "आपत्तिजनक" दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त करने के अलावा, उसने उपायुक्त (डीसी) राम निवास यादव के कैंप कार्यालय से 7.25 लाख रुपये सहित 36.99 लाख रुपये नकद भी बरामद किए।
इनके अलावा, डीसी के आवासीय परिसर से 9 एमएम बोर के 19 कारतूस, .380 एमएम के दो और .45 पिस्तौल के पांच खाली कारतूस भी जब्त किए गए। इसमें कहा गया है कि दिन भर चली तलाशी के दौरान जिन 30 'बेनामी' बैंक खातों के दस्तावेज मिले हैं, उन पर रोक लगा दी गई है।