Mumbai: आरोपियों की पहचान आईएएस अधिकारी अमन मित्तल के रूप में हुई है, जो वर्तमान में महाराष्ट्र जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग के उप सचिव के रूप में तैनात हैं, और उनके भाई देवेश मित्तल के अलावा चार सुरक्षा गार्ड के रूप में हुई है।
एक प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता के लिए काम करने वाले दो लोगों की नवी मुंबई में एक आईएएस अधिकारी और उसके भाई ने इंटरनेट राउटर के मुद्दे पर उनके आवास पर कथित तौर पर पिटाई कर दी। एक अधिकारी ने प्राथमिकी के हवाले से बताया कि आवासीय सोसायटी के चार सुरक्षा गार्डों ने भी 30 दिसंबर की शाम को दो लोगों पर पाइप और लकड़ी के डंडों से हमला करने में कथित तौर पर अधिकारी के भाई का साथ दिया।
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आरोपियों की पहचान आईएएस अधिकारी अमन मित्तल के रूप में हुई है, जो वर्तमान में महाराष्ट्र जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग के उप सचिव के रूप में तैनात हैं, और उनके भाई देवेश मित्तल के अलावा चार सुरक्षा गार्ड के रूप में हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "एयरटेल फाइबर इंटरनेट इंस्टॉलेशन सर्विस के लिए काम करने वाले दो लोग इंटरनेट राउटर की समस्या को ठीक करने के लिए देवेश मित्तल के घर गए थे।"
एयरटेल में इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले सागर मंधारे (27) द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के हवाले से अधिकारी ने कहा, "दोनों कर्मचारियों और मित्तल दंपति के बीच बहस शुरू हो गई, जिन्होंने दावा किया कि उन्हें बेडरूम में अपेक्षित इंटरनेट रेंज नहीं मिल रही है।"
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मंधारे ने कहा कि उन पर अमन मित्तल और उनके भाई देवेश ने हमला किया, उनका साथ इमारत के चार सुरक्षा गार्ड्स जो पाइप और लकड़ी के डंडों से लैस थे ने दिया। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने मंधारे के सहयोगी भूषण गुजर की भी पिटाई की जो बिक्री टीम में काम करता है। उन्होंने बताया कि यह घटना इमारत के परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
उन्होंने कहा, ''कुछ देर बाद अमन मित्तल ने रबाले पुलिस थाने को फोन किया जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मंधारे और गुजर को थाने ले गए।" अधिकारी ने बताया कि मित्तल बंधुओं और चार सुरक्षा गार्डों के खिलाफ खतरनाक हथियार या अन्य साधनों से नुकसान पहुंचाने और गलत तरीके से बंधक बनाने से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आईएएस अधिकारी ने मंढरे और गुजर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने राउटर मशीन से उन पर हमला किया।
उन्होंने बताया कि मित्तल की शिकायत के आधार पर मंधारे और गुजर के खिलाफ भादंसं की धारा 324 (जानबूझकर खतरनाक हथियार या साधनों से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।