सरकार ने मंगलवार को 29 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर भारत चावल लॉन्च कर दिया है। सरकार की ओर से यह कदम बीते कुछ दिनों में अनाज की कीमतों में 15% की वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं और गरीबों को राहत देने के लिए 'भारत ब्रांड' के तहत चावल खुदरा कारोबार के तहत 29 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेचा जाएगा। 'भारत चावल' के प्रत्येक किलो में, 5 प्रतिशत टूटे हुए चावल होंगे। गोयल ने कहा कि सरकार के प्रयासों से टमाटर और प्याज की कीमतों को तेजी से नीचे लाने में मदद मिली है।
गोयल ने कहा, 'जब से हमने 'भारत आटा' बेचना शुरू किया है, पिछले छह महीनों में गेहूं के मामले में शून्य रही है। यही प्रभाव हम चावल में देखेंगे।' मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मध्यम वर्ग के लोगों की थाली में जाने वाली वस्तुओं की कीमतें काफी स्थिर हैं। गोयल ने कहा कि सरकार दैनिक जरूरतों को सस्ती दरों पर मुहैया करने के लिए सक्रिय है। उन्होंने 'भारत राइस' बेचने वाली 100 मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई और पांच लाभार्थियों को 5 किलो के पैक भी वितरित किए।
सरकार ने एफसीआई के चावल की खुदरा बिक्री का सहारा लिया है क्योंकि उसे खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के माध्यम से थोक उपयोगकर्ताओं को समान दर पर चावल की बिक्री करने पर उत्साहजनक परिणाम नहीं मिले हैं। सरकार को उम्मीद है कि भारत आटा की तरह 'भारत राइस' को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी। भारत आटा को उन्हीं एजेंसियों के माध्यम से 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम और 'भारत चना' 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।
गोयल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 'भारत दाल' और 'भारत आटा' का उपयोग करना शुरू कर दिया है और दोनों ही बहुत स्वादिष्ट हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने अब 'भरत राइस' खरीदा है। यह भी अच्छी गुणवत्ता का होगा। भारत राइस के कीमत निर्धारण से जुड़े एक सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि इसका सटीक विश्लेषण किया गया है। यह एक सक्रिय सरकार है।
2023-24 में निर्यात पर प्रतिबंध और बंपर उत्पादन के बावजूद चावल की खुदरा कीमतें अभी तक नियंत्रण में नहीं हैं। सरकार ने खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, प्रसंस्करणकर्ताओं और बड़ी खुदरा शृंखलाओं से जमाखोरी रोकने के लिए अपने स्टॉक का खुलासा करने को कहा है।
भारत राइस लॉन्च करने के कार्यक्रम में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और अश्विनी चौबे, खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा, उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के सीएमडी अशोक के मीणा सहित अन्य लोग मौजूद थे।