सुब्रमण्यन ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा, मैं आपको ईमानदारी से बताना चाहता हूं कि जीडीपी के ताजा आंकड़ों को मैं समझ नहीं पा रहा हूं। मैं पूरे सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि यह बिल्कुल रहस्यमय हैं।
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अरविंद सुब्रमण्यन ने तीसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े को पूरी तरह रहस्यमय बताया है। उन्होंने कहा, इन्हें समझ पाना मुश्किल है। तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी है। ये आंकड़े उम्मीद से बेहतर हैं।
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सुब्रमण्यन ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा, मैं आपको ईमानदारी से बताना चाहता हूं कि जीडीपी के ताजा आंकड़ों को मैं समझ नहीं पा रहा हूं। मैं पूरे सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि यह बिल्कुल रहस्यमय हैं। मुझे नहीं पता कि उनका क्या मतलब है।
सुब्रमण्यन ने कहा, इन आंकड़ों में निहित महंगाई एक से 1.5 फीसदी है, जबकि अर्थव्यवस्था में वास्तविक महंगाई दर तीन से पांच फीसदी के बीच है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि अगर भारत इतना आकर्षक स्थान बन गया है, तो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में तेजी से वृद्धि क्यों नहीं हो रही है। निजी निवेश, कॉरपोरेट निवेश वर्ष 2016 के स्तर से काफी नीचे है।