प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जी-20 नेताओं के डिजिटल शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने से एक दिन पहले भारत ने मंगलवार को कहा कि यह बैठक दिल्ली घोषणापत्र (Delhi Declaration) के क्रियान्वयन पर चर्चा करने, महत्वपूर्ण चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने और वैश्विक शासन में कमियों को दूर करने का अवसर देगी।
शिखर सम्मेलन पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि नौ और 10 सितंबर को हुए शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के बाद परिस्थितियां बदली हैं। नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाने के बाद से दुनिया ने एक के बाद एक कई घटनाएं देखी हैं और कई नई चुनौतियां सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य एजेंडा विकास होगा, जबकि नेता कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ''यह डिजिटल शिखर सम्मेलन न केवल घोषणाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा का अवसर देगा, बल्कि लीडर्स को उन महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विचारों को साझा करने और सहयोग बढ़ाने का मौका भी देगा जिनका हम सामना कर रहे हैं। कांत ने कहा कि प्रधानमंत्री बुधवार शाम साढ़े पांच बजे से शुरू होने वाले शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।"