अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब व्यापार टैरिफ से प्रभावित होने जा रहा है, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत की घरेलू मांग में जो ताकत है, उसे बनाए रखा जाए और बढ़ाया जाए। क्योंकि यह वैश्विक आपूर्ति को आकर्षित करने वाली एक बड़ी चुंबक है।
अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए 26 फीसदी टैरिफ के असर को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बाद तेजी से बदल रहे वैश्विक व्यापार परिदृश्य के बाद भी भारत का आर्थिक विकास प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का लचीलापन और घरेलू मांग की मजबूती भारत को विकास का इंजन बनाती रहेगी।
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लंदन में भारतीय उच्चायोग में 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के भारत के प्रयास के लिए अवसर और चुनौतियां विषय पर बातचीत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था घरेलू दक्षता और प्रतिस्पर्धा को भुनाने के लिए अच्छी स्थिति में है। यही चीजें वैश्विक चुनौतियों से निपटती हैं। सीतारमण ने कहा कि दुनिया ने कई वर्षों से निराशाजनक विकास देखा है। पहले यह लंबे समय तक कम दिलचस्प था और अब यह लंबे समय तक कम विकास होने जा रहा है, और यह किसी के लिए भी अच्छी खबर नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले पांच सालों से लगातार सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था का दर्जा बरकरार रखा है और हमें अभी भी लगता है कि यह गति कुछ धीमी पड़ सकती है, लेकिन फिर भी भारत ही इस वृद्धि को बनाए रखेगा। हमारी वृद्धि घरेलू स्तर पर मौजूद खपत के कारण संतुलित होती है। इसे वैश्विक मानक वाले सामानों की मांग का समर्थन प्राप्त है और यही कारण है कि 1990 के दशक से वैश्वीकरण ने भारत को कई अवसर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापार साझेदार है। इसलिए जब व्यापार टैरिफ से प्रभावित होने जा रहा है, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत की घरेलू मांग में जो ताकत है, उसे बनाए रखा जाए और बढ़ाया जाए। क्योंकि यह वैश्विक आपूर्ति को आकर्षित करने वाली एक बड़ी चुंबक है। इस मांग की ताकत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) और अंतरराष्ट्रीय विनिर्माण के लिए घरेलू बाजार और भारत से निर्यात के लिए आकर्षक साबित होगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हमें लगता है कि भारत और कुछ उभरते बाजार विकास के इंजन बनने जा रहे हैं। वैश्विक मंदी की वृद्धि को अगर गति पकड़नी है तो इन इंजनों की वजह से ही इसे गति मिलनी चाहिए।