अनुभव के साथ बढ़ती है असमानता
रिपोर्ट में कहा गया है कि वेतन में अंतर अनुभव बढ़ने के साथ बढ़ता जाता है। हालांकि, प्रारंभिक वर्षों में यह मध्यम रहता है, जबकि कार्यकाल बढ़ने के साथ यह काफी बढ़ जाता है। 10 साल से अधिक अनुभव के बाद वेतन में अंतर शीर्ष पर पहुंच जाता है। इस दौरान महिलाओं के मुकाबले पुरुष 15 फीसदी अधिक कमाते हैं। हालांकि, 2017 के 20 फीसदी के मुकाबले 2018 में वेतन में असमानता महज एक फीसदी घटकर 19 फीसदी रहा।
काम को लेकर महिलाओं से भेदभाव
मॉन्सटर डॉट कॉम ने भारत में कामकाजी महिलाओं और कार्यस्थल पर उनकी चिंताओं को समझने के लिए भारतीय कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं का सर्वे किया। इसमें 71 फीसदी पुरुषों और 66 फीसदी महिलाओं ने माना कि हर संस्थान को स्त्री-पुरुष में समानता को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। वहीं, 60 फीसदी अधिक महिलाओं ने माना कि उनके साथ काम को लेकर भेदभाव किया जाता है। भेदभाव का सबसे उल्लेखनीय रूप यह है कि ऐसा माना जाता है कि महिलाएं शादी के बाद काम के प्रति कम गंभीर होती हैं।
पुरुषों और महिलाओं के वेतन में अंतर केवल एक फीसदी ही कम होना चिंता का कारण नहीं है बल्कि अगर हम पर्याप्त कर रहे हैं तो वास्तव में यह आत्मनिरीक्षण करने के लिए चेतावनी है। यह कॉरपोरेट्स एवं उद्योगों में वेतन समानता की दिशा में काम करने के लिए निर्णायक बनाता है। - अभिजीत मुखर्जी, सीईओ, मॉन्सटर डॉट कॉम