कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी बड़ी खबर सोमवार को आई। सूत्रों की मानें तो EPFO शेयर और उससे संबंधित निवेश उत्पादों में निवेश की मौजूदा सीमा 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी तक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। जल्दी ही इसे हरी झंडी मिल सकती है। इस पर अंतिम मुहर 29 और 30 जुलाई को होने वाली अहम बैठक में लग सकती है। फिलहाल ईपीएफओ निवेश योग्य जमा का पांच प्रतिशत से 15 प्रतिशत इक्विटी या इक्विटी संबंधित योजनाओं में निवेश कर सकता है।
दो वर्षों में शेयर बाजार से मिला फायदा
लोकसभा में सोमवार को मंत्री रामेश्वर तेली ने बताया कि शेयर बाजार से जुड़ी स्कीम में 20 फीसदी तक निवेश बढ़ाने की मांग से संबंधित प्रस्ताव मिला है। 2020-21 में ईपीएफओ से जुड़ी इक्विटी स्कीम पर काल्पनिक रूप से 14.67 फीसदी का रिटर्न मिला था, जो कि 2021-22 में बढ़कर 16.27 फीसदी हो गया। हालांकि 2019-20 में इस पर 8.29 फीसदी का घाटा हुआ था।
1.04 लाख करोड़ रुपये का भुगतान
2021-22 में ईपीएफओ ने 2.88 करोड़ दावों को निपटाया था। इसके तहत 1.04 लाख करोड़ रुपये की रकम का भुगतान इसके सदस्यों को किया गया था। इसी तरह से 2020-21 में कुल 2.33 करोड़ ग्राहकों को दावे के रूप में 91,187 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। 2019-20 में 1.28 करोड़ दावों के तहत 70,202 करोड़ रुपये सदस्यों को दिया गया था।