प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने वाली कंपनी बायजूस के बंगलूरू स्थित तीन ठिकानों पर छापा मारकर आपत्तिजनक दस्तावेज व डिजिटल डाटा जब्त किया है। ईडी ने विदेशी मुद्रा उल्लंघन की जांच में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत पंजीकृत कंपनी थिंक एंड लर्न प्रा. लि. के सीईओ और संस्थापक रवींद्रन बायजू के एक रिहायशी परिसर व दो दफ्तरों में छापा मारा।
ईडी के मुताबिक, बायजू की कंपनी ने 2020-21 से वित्तीय ब्योरा तैयार नहीं किया है और न ही खातों का ऑडिट कराया, जबकि यह अनिवार्य प्रक्रिया है। इस कारण कंपनी के दिए आंकड़ों की वास्तविकता की बैंक के साथ जांच की जा रही है। ईडी ने सीईओ रवींद्रन बायजू को कई बार समन भी किया, लेकिन वह कभी पेश नहीं हुए।
28,000 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
ईडी ने जांच में पाया कि कंपनी में 2011-23 के बीच 28 हजार करोड़ रुपये का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हुआ। कंपनी ने इस दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नाम पर 9,754 करोड़ अलग-अलग देशों में भी भेजे। विदेश भेजी गई इस राशि के साथ कंपनी ने विज्ञापन व मार्केटिंग खर्च के नाम पर लगभग 944 करोड़ दिखाए हैं।
2020-21 में 4588 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया
ईडी के मुताबिक, बायजूस ने 2020-21 में 4,588 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया, जो 2019-20 के 231.69 करोड़ रुपये से 19 गुना अधिक है। कंपनी का वित्तीय वर्ष 2020-21 में राजस्व 2428 करोड़ रुपये रह गया, जो 2019-20 में 2511 करोड़ रुपये था। बायजूस ने अभी तक वित्तीय वर्ष 2022 के लिए वित्तीय प्रदर्शन रिपोर्ट जारी नहीं की है।
बायजूस ने कहा-हर जानकारी उपलब्ध कराई : बायजूस की कानूनी टीम के प्रवक्ता ने कहा, पूरी पारदर्शिता के साथ ईडी को सभी जानकारी उपलब्ध कराई है।
आंध्र प्रदेश में सीआईडी ने चिट फंड कंपनी के 37 ठिकानों पर की छापेमारी
आंध्र प्रदेश सीआईडी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शनिवार को मार्गदर्शी चिट फंड्स प्राइवेट लिमिटेड (एमसीएफपीएल) की 37 शाखाओं पर छापे मारे। आंध्र प्रदेश सीआईडी के प्रमुख संजय ने कहा कि राज्य सरकार की निरंतर जांच के हिस्से के रूप में सीआईडी टीमों को मार्गदर्शी की 37 शाखाओं में वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की व्यापक तलाशी लेने के लिए तैनात किया गया था। संजय ने एक बयान में कहा, "29 अप्रैल को मार्गदर्शी के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच जारी रखते हुए सीआईडी एमसीएफपीएल की 37 शाखाओं में तलाशी ले रही है।