सिलिकॉन वैली की एक प्रौद्योगिकी कंपनी के भारतीय मूल के 47 वर्षीय पूर्व सीईओ को निवेशकों को राजस्व की अधिक जानकारी देने के लिए प्रतिभूति धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक टेक स्टार्ट-अप हेडस्पिन के पूर्व सीईओ और संस्थापक मनीष लाचवानी को गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को संघीय अदालत में वायर धोखाधड़ी के दो मामलों और प्रतिभूति धोखाधड़ी के आरोपों के एक मामले में दोषी ठहराया गया।
अगस्त 2021 में किया गया था गिरफ्तार
मनीष लचवानी को अगस्त 2021 में गिरफ्तार किया गया था और उस पर स्टार्ट-अप के राजस्व और अन्य प्रमुख वित्तीय मैट्रिक्स को बढ़ा-चढ़ाकर निवेशकों को 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चूना लगाने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने 2015 में हेडस्पिन की स्थापना की और मई 2020 तक इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य किया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कंपनी ने ग्राहकों को सॉफ्टवेयर उपकरण और मोबाइल एप्लिकेशन का परीक्षण करने के लिए उपकरणों तक पहुंच प्रदान की।