भारत की एंटी मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि सट्टेबाजी एप्स से जुड़ी चल रही जांच में बाइनेंस होल्डिंग्स लिमिटेड की भूमिका थी या नहीं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा है कि, प्रवर्तन निदेशालय ने बाइनेंस के अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है और प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।
चीनी ऑपरेटरों द्वारा चलाई जा रही एप्स की जांच कर रहा भारत
भारत चीनी ऑपरेटरों द्वारा चलाई जा रही सट्टेबाजी एप्स की जांच कर रहा है, जिन्होंने पिछले 10 महीनों में वजीरएक्स क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के माध्यम से 134 मिलियन डॉलर यानी 10 अरब रुपये से अधिक राशि एकत्र की। मालूम हो कि बाइनेंस ने साल 2019 में वजीर-एक्स का अधिग्रहण किया था।
उद्योग की तेजी से जांच कर रहे हैं राष्ट्र
बिना किसी कॉरपोरेट मुख्यालय के केमैन आइलैंड्स में शामिल, बाइनेंस को नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि राष्ट्र इस उद्योग की जांच तेजी से कर रहे हैं। इस बीच इस बात की चिंता है कि क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग डीलिंग और आतंकवाद की आय को छिपाने के लिए किया जा रहा है।
वजीरएक्स को कारण बताओ नोटिस जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने पहले ही वजीरएक्स को 27.9 अरब रुपये की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन में विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों के कथित उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया नहीं दी है। साथ ही बाइनेंस के प्रतिनिधि ने इस मुद्दे पर तत्काल टिप्पणी नहीं की।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि भारतीय एजेंसी को पता चला है कि बाइनेंस ने अधिकांश लेनदेन में ग्राहकों से आवश्यक दस्तावेज जैसे केवाईसी के दस्तावेज एकत्र नहीं किए थे। उन्होंने कहा कि एक्सचेंज ने वर्चुअल करेंसी के लिए फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा विस्तृत जानकारी भी एकत्र नहीं की।