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ED: प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा से जुड़ी जांच में निरंजन हीरानंदानी से किए सवाल, जानें क्या है पूरा मामला?

Mon, 04 Mar 2024 05:22 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ED Action: आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ईडी की यह जांच टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ की जा रही फेमा की एक और जांच से जुड़ी नहीं है। मोइत्रा को हाल ही में लोकसभा सांसद के रूप में निष्कासित कर दिया गया था।
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निरंजन हीरानंदानी - फोटो : ट्विटर
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई की प्रमुख रियल्टी कंपनी हीरानंदानी समूह के प्रवर्तक निरंजन हीरानंदानी से विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में पूछताछ की है।

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निरंजन हीरानंदानी और उनके बेटे दर्शन हीरानंदानी को केंद्रीय एजेंसी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच में शामिल होने के लिए कहा था। दर्शन हीरानंदानी पिछले कई सालों से दुबई में रह रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले महीने मुंबई और आसपास समूह के चार परिसरों की तलाशी ली थी। 

पूछताछ खत्म होने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह जांच में अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे। हीरानंदानी ने कहा कि फेमा उल्लंघन का आरोप 16 साल पहले लगा था। अब तक उनसे 42 या 43 बार पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जब भी ऐसा मुद्दा उठाया जाता है, तो उन्हें सहयोग करने में खुशी होती है क्योंकि मुद्दे का पता लगाना उनका कर्तव्य है। इसलिए हमने कु भी जो किया है उसका जवाब देने में हमें कोई समस्या नहीं है। 
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बताया जाता है कि कुछ विदेशी लेन-देन के अलावा एजेंसी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स स्थित एक ट्रस्ट के लाभार्थियों की भी जांच कर रही है जो कथित तौर पर हीरानंदानी समूह के प्रवर्तकों से जुड़ा है।    समूह ने कहा है कि वह इस फेमा जांच में ईडी के साथ सहयोग करेगा। 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ईडी की यह जांच टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ की जा रही फेमा की एक और जांच से जुड़ी नहीं है। मोइत्रा को हाल ही में लोकसभा सांसद के रूप में निष्कासित कर दिया गया था।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर लोकसभा में सवाल पूछ कर उपहारों के बदले अदाणी समूह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बना रही थीं। हालांकि, मोइत्रा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने अदाणी समूह के सौदों पर सवाल उठाए थे।

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