ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय में वृद्धि हुई है। एनएसएसओ के एक सर्वे में यह सामने आया है कि 2012-13 में किसानों की आय 6,426 रुपये मासिक हुआ करती थी, जो 2019 में 10,218 मासिक हो गई है। किसानों की कर्जदारी भी 2013 के 52 फीसदी से घटकर 2019 में 50 प्रतिशत रह गई है।
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं के जरिए किसानों की जेब में पैसा पहुंचाया है। किसान सम्मान निधि के रूप में मिलने वाली 6000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता ने छोटे किसानों को आर्थिक मदद पहुंचाई है। इन योजनाओं का ही परिणाम है कि अब छोटे किसानों की कर्जदारी भी 31,100 रुपये से घटकर 26,883 रुपये रह गई है। भाजपा नेता ने कहा कि इनका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर कम होगी।
टैक्स एकत्रीकरण में वृद्धि
कई महीने से देश का जीएसटी कर संग्रह एक लाख रुपये मासिक से ज्यादा रह रहा है। अगस्त माह में कुल जीएसटी कर संग्रह एक लाख 12 हजार 20 करोड़ रुपये रहा है। यह कोविड काल से पहले की तुलना में भी 14 फीसदी से अधिक हो चुका है। यह अर्थव्यवस्था के बेहतर होने का सबसे सशक्त प्रमाण है। अगस्त 2021 में एक्सपोर्ट 33.14 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है। यह कोविड काल से पहले की तुलना में भी ज्यादा है।
भाजपा नेता के मुताबिक, इन विभिन्न क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन कर रही है। इनमें कई क्षेत्र कोविड काल के पहले की स्थिति से भी ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अनुमान है कि इससे आने वाले समय में जल्द ही बेरोजगारी की स्थिति में भी सुधार दिखाई पड़ेगा।