भारत के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रिसर्च ने वित्त वर्ष 2022 के लिए अपने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बदलाव किया है। एसबीआई रिसर्च ने इसे बढ़ाकर 9.3 से 9.6 फीसदी तक कर दिया है।
अनुमान में बदलाव की यह है बड़ी वजह
एसबीआई रिसर्च की टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय विभिन्न कारकों पर नजर रखी। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाने की मुख्य वजह जुलाई-सितंबर 2021 (तीसरी तिमाही) की अवधि के दौरान देश में कोरोना के मामलों में महज 11 फीसदी की बढ़ोतरी होना है। यह कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित 15 देशों में दूसरा सबसे कम आंकड़ा है।
पहले 9 फीसदी तक रखा था अनुमान
इससे पहले देश के सबसे बड़े बैंक की रिसर्च विंग ने पूर्व रिपोर्ट में भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 8.5 फीसदी से 9 फीसदी के बीच रखा था। अब देश में टीकाकरण की रफ्तार और कोरोना के मामलों में आई कमी के चलते एसबीआई रिसर्च का संशोधित अनुमान रिजर्व बैंक के वित्त वर्ष 2022 के लिए 9.6 फीसदी कर दिया गया है।
दूसरी तिमाही में 8.1 फीसदी रहेगी जीडीपी ग्रोथ
एसबीआई में ग्रुप चीफ इकॉनोमिक एडवायजर सौम्या कांति घोष ने कहा कि उनके नाऊकास्टिंग मॉडल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ 8.1 फीसदी रहने का अनुमान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ रियल जीडीपी करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये की होगी, जो वित्त वर्ष 2020 की 145.69 लाख करोड़ रुपये की रियल जीडीपी से करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये अधिक है।