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Gold Demand: सोने की मांग बढ़कर 10 साल के शीर्ष पर, त्योहारों और शादी विवाह के सीजन का असर

Fri, 10 Dec 2021 05:57 AM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर अजाला, मुंबई

सार

रिपोर्ट में कहा गया है कि कम शुल्क की वजह से पीली धातु आयात में अशुद्ध सोने की हिस्सेदारी 18% बढ़ी है। 2014 में कुल आयात में अशुद्ध सोने की हिस्सेदारी 11% थी, जो 2020 में 29% पहुंच गई।
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Gold - फोटो : iStock
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विस्तार
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त्योहारों और शादी-विवाह के पीक सीजन को देखते हुए देश में सोने की मांग इस साल दिसंबर तिमाही में 10 साल के शीर्ष पर पहुंच सकती है। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के क्षेत्रीय सीईओ (इंडिया) सोमासुंदरम पीआर का कहना है कि त्योहारी और शादी-विवाह के सीजन में आभूषणों की मांग पूरी करने के लिए कारोबारियों ने सोने का ज्यादा आयात किया।

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इसके अलावा, विदेश में भी खरीद की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं। ऐसे में मांग के लिहाज से वर्तमान तिमाही के 10 साल में सबसे बेहतर रहने का अनुमान है। डब्ल्यूजीसी ने एक रिपोर्ट में कहा कि उच्च आयात शुल्क के बावजूद भारत ने 2016-2020 के बीच कुल मांग का 86 फीसदी सोना आयात किया। 2012 में पहली बार आयात शुल्क बढ़ाया गया था। इसके बाद  कुल 6,581 टन सोने का आयात किया गया, जो हर साल औसतन 730 टन है। 

कम शुल्क ने बढ़ाई अशुद्ध सोने की हिस्सेदारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि कम शुल्क की वजह से पीली धातु आयात में अशुद्ध सोने की हिस्सेदारी 18% बढ़ी है। 2014 में कुल आयात में अशुद्ध सोने की हिस्सेदारी 11% थी, जो 2020 में 29% पहुंच गई। पिछले 8 साल में रिफाइनरियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
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2022 में आयात और बढ़ने की उम्मीद
सोमासुंदरम ने कहा कि दुनिया के दूसरे सबसे बड़ा बाजार भारत में पीली धातु की मांग प्रमुख रूप से सराफा और अशुद्ध सोने के आयात पर अधिक निर्भर है। मौजूदा बाजार संकेतों को देखकर उम्मीद है कि 2022 में सोने का आयात इस साल के मुकाबले मजबूत रहेगा। इसकी प्रमुख वजह अर्थव्यवस्था में तेजी से आभूषण मांग बढ़ना है।

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