मकानों की कीमतें 5% बढ़ सकती हैं।
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देश में मांग में सुधार से नए साल (2022) में मकानों की कीमतें 5% बढ़ सकती हैं। नाइटफ्रैंक इंडिया ने एक रिपोर्ट में कहा कि महामारी के कारण 2021 के दौरान आवासीय क्षेत्र में अस्थिरता रही।
हालांकि, 2022 रियल एस्टेट क्षेत्र के वाणिज्यिक एवं आवासीय दोनों ही श्रेणियों के लिए बेहतर साबित हो सकता है। बड़े मकान, बेहतर सुविधाएं और कम कीमतें ग्राहकों में मकान खरीदने को लेकर आकर्षण बढ़ाएंगे। इससे मकानों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। नाइटफ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं एमडी शिशिर बैजल ने कहा कि पिछले एक दशक में नोटबंदी, जीएसटी और रेरा जैसे कई संरचनात्मक सुधारों से गुजरने के बाद रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए कोरोना महामारी एक झटके की तरह आया। अगले साल कीमतों में करीब 5% बढ़ोतरी का अनुमान है।
आईटी कंपनियों में भर्ती से बढ़ेगी मांग
बैजन ने कहा कि महामारी के कारण उत्पन्न व्यवधान धीरे-धीरे कम हो रहा है। रियल एस्टेट बाजार भी अगले दो-तीन महीनों में अपनी गति वापस हासिल कर लेगा। हालांकि, कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से नए साल की शुरुआत में कुछ व्यवधान आ सकता है। शीर्ष-5 आईटी कंपनियों की पिछले 18 महीनों में मजबूत भर्तियों के आधार पर ऑफिस के लिए जगह की मांग में 1.16 करोड़ वर्ग फुट इजाफा हो सकता है।