गुजरात के एक गुटखा व्यापारी के ठिकानों में आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई में 100 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई का खुलासा हुआ है। सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, आयकर अधिकारियों ने 16 नवंबर को अहमदाबाद में गुटखा वितरक के कम से कम 15 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, बयान में समूह के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। फिलहाल, आयकर विभाग ने समूह के बैंक लॉकरों को सील कर दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
चार करोड़ रुपये के जेवरात जब्त
आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान समूह के ठिकानों से करीब साढ़े सात करोड़ की बेहिसाब नकदी और लगभग चार करोड़ रुपये के जेवरात बरामद किए गए। सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि गुटखा वितरक समूह ने 30 करोड़ रुपये की अघोषित आय होने की बात भी स्वीकार की है। इसके अलावा अपने तलाशी अभियान के दौरान आयकर अधिकारियों ने 16 नवंबर की तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए।
अचल संपत्तियों में किया गया निवेश
बयान में कहा गया है कि छापेमारी के दौरान मिले सबूतों का विश्लेषण समूह द्वारा कर चोरी की ओर इशारा करता है। अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब आय का पता चला है। जब्त की गई सामग्री के विश्लेषण से पता चला है कि नकद बिक्री खाता बही में दर्ज नहीं की गई थी और तलाशी दल को ऐसे सबूत भी मिले जिनसे पता चलता है कि समूह ने अचल संपत्तियों में अघोषित निवेश किया था।