फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विमान किरायों की बेतहाशा बढ़ोतरी से डीजीसीए नाराज, करेगा कंपनियों से बात

Thu, 19 May 2016 07:42 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • विमान किराये की ऊपरी सीमा -कैपिंग- तय करने से पहले
    विमानन कंपनियों से बातचीत जरूरी
  • डीजीसीए ने विमानन कंपनियों के लिए यह बताना अनिवार्य कर दिया है कि कि उन्होंने हर महीने सबसे ऊंचे किराये पर कितनी सीट बेची
विज्ञापन
हवाई जहाज - फोटो : Youtube Grab
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विमानन क्षेत्र के नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशक 'डीजीसीए' एम सत्यवती ने कहा है कि विमान किराये की ऊपरी सीमा -कैपिंग- तय करने से पहले विमानन कंपनियों से बातचीत जरूरी है। हालांकि देखा यह जाता है कि विमानन कंपनियां मांग बढ़ते ही किराये में तीव्र बढ़ोतरी कर देती हैं। सत्यवती ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि विमान किराये की ऊपरी सीमा तय करने की जरूरत पड़ी तो सबसे पहले उन्हें विमानन कंपनियों से बातचीत करनी होगी। जब उनसे पूछा गया कि मुक्त बाजार के सिद्घांतों के बीच विमान किराये की ऊपरी सीमा तय करना तर्कसंगत होगा भी, तो उनका जवाब था कि फिलहाल इंतजार जाए। कुछ भी तय करने से पहले उन्हें विमानन कंपनियों से बातचीत करनी होगी।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि इससे पहले डीजीसीए ने विमानन कंपनियों के लिए यह बताना अनिवार्य कर दिया है कि कि उन्होंने हर महीने सबसे ऊंचे किराये पर कितनी सीट बेची। उम्मीद की जा रही है कि इस महीने से डीजीसीए की तरफ से जो आंकड़े जारी किये जाएंगे, उसमें ऊंचे किराये की भी जानकारी होगी। इसके लिए डीजीसीए ने 20 मार्गों का चयन किया है।

यह शिकायत आम है कि पर्व-त्योहार, गर्मी या बड़े दिन की छुट्टियों या फिर लंबे वीकेंड के दौरान एयरलाइनें काफी ऊंचा किराया वसूलती हैं। संसद के दोनों सदनों में भी कई बार ये मामला उठा है। संसदीय समिति भी सरकार किराया नियंत्रित करने की बात कह चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें