भारत में फिशिंग और हैकिंग समेत अन्य ऑनलाइन साइबर हमलों से रक्षा करने वाली केंद्रीय एजेंसी सीईआरटी-इन का कहना है, इन दिनों एसएमएस के जरिए भी लोगों की जानकारियां हासिल की जा रही हैं।
एक साइबर सुरक्षा एजेंसी ने चेताया है कि जालसाज एक नए प्रकार के फिशिंग हमले के जरिए भारत में बैंकिंग ग्राहकों को अपना निशाना बना रहे हैं। लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए वह उनकी इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल नंबर और वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जैसी संवेदनशील जानकारी जुटा रहे हैं।
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भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है, जालसाज एनग्रोक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भारतीय बैंकों के इंटरनेट बैंकिंग पोर्टलों के नाम पर फिशिंग वेबसाइट होस्ट कर रहे हैं। एनग्रोक एक विशेष वेब एप्लीकेशन है।
फिशिंग उस स्थिति को दर्शाता है, जब जालसाज विश्वसनीय संस्था का मुखौटा पहने पीड़ितों को लिंक भेजकर उनके पासवर्ड, लॉग-इन और ओटीपी चुराते हैं।
इस तरह बचें
संदिग्ध मोबाइल नंबर से आने वाले संदेश नजरअंदाज करें। अपने बैंक खाते से जुड़ी असामान्य गतिविधि के बारे में फौरन बैंक को बताना चाहिए। वहीं, फिशिंग वेबसाइट या संदिग्ध संदेशों के बारे में सीईआरटी-इन को