वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने बुधवार को कहा कि देश का माल निर्यात 2027-28 तक एक ट्रिलियन (एक लाख करोड़) डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। सरकार ने इसके लिए रूपरेखा तय कर ली है। इसमें जिलों को निर्यात हब के रूप में विकसित करना भी शामिल है।
सीआईआई के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में 419 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य रखा है। इसके लिए एक विस्तृत विश्लेषण किया गया है। इस लक्ष्य को राष्ट्रीय स्तर पर 31 वस्तुओं, क्षेत्र और राज्यों के स्तर पर बांटा गया है। सचिव ने कहा कि हमने 500 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य पाने के लिए वास्तव में योजना बना ली है।
एक लाख करोड़ डॉलर के निर्यात लक्ष्य को किस तरह प्राप्त किया जाए, उस पर भी काम कर रहे हैं। सेवाओं का निर्यात बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है। 2027-28 तक सेवा क्षेत्र का निर्यात 700 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद है।
दुनिया की अगुवाई के लिए तैयार हो रहा है भारत : उद्योग जगत
हम आजादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कई ऐसे आयाम स्थापित किए हैं, जिनसे हम कई क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
-टीवी नरेंद्रन, अध्यक्ष, सीआईआई
सही तकनीक इस्तेमाल करें, तो 2031 तक भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 120 खरब डाॅलर तक पहुंचा सकते हैं, जो अभी 30 खरब डाॅलर है।
-एन चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस
वित्त क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। 2025 तक 50 खरब डाॅलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पूरा करने के लिए भी वित्त क्षेत्र को बड़ी भूमिका निभानी होगी।
-उदय कोटक, एमडी-सीईओ, कोटक महिंद्रा बैंक
बुनियादी विकास में भारत ने कई अहम बदलाव देखे हैं। भारतीय इन्फ्रा क्षेत्र में विदेशी कंपनियां पैसे लगा रही हैं, जो अर्थव्यवस्था को गति देगा।
-एसएन सुब्रमण्यन, एमडी-सीईओ, एलएंडटी