अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के चौथे सालाना शिखर सम्मेलन में गोयल कहा कि हम अमेरिका के साथ जुड़कर अपनी साझेदारी का विस्तार करना चाहते हैं ताकि सभी क्वाड सदस्य एक-दूसरे के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बना सकें।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका को बड़े स्तर पर अपनी आर्थिक साझेदारी बढ़ानी चाहिए। भारत इसके लिए तैयार है और दोनों देशों को अगले 10 वर्षों में एक लाख करोड़ (एक ट्रिलियन) डॉलर के द्विपक्षीय कारोबार का लक्ष्य तय करना चाहिए।
विज्ञापन
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के चौथे सालाना शिखर सम्मेलन में गोयल कहा कि हम अमेरिका के साथ जुड़कर अपनी साझेदारी का विस्तार करना चाहते हैं ताकि सभी क्वाड सदस्य एक-दूसरे के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बना सकें। इससे पहले उन्होंने 19 अगस्त को कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की उम्मीदें अभी के लिए बंद हैं।
बाइडन प्रशासन ने भारत से कहा था कि उसकी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में दिलचस्पी नहीं है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 2019-20 में 88.9 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। 2020-21 में यह आंकड़ा घटकर 80.5 अरब डॉलर रह गया। एक अन्य कार्यक्रम में वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत 2,100 से ज्यादा वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में से एक है।
विज्ञापन
एफटीए भारत-अमेरिकी संबंधों में नया मोर्चा : यूएसआईबीसी अध्यक्ष
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) की अध्यक्ष एवं पूर्व अमेरिकी राजनयिक निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया मोर्चा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक व्यापार संरचना का न होना तर्कसंगत नहीं है। हमें इस बारे में गंभीर होना होगा। हालांकि, इसका रास्ता बाधाओं से भरा है। लेकिन, भारत के इसमें रुचि लेने के वास्तविक संकेत दिखने से हम अवसर तलाशने में सक्षम हो सकते हैं। देसाई ने कहा कि दोनों देशों के लिए टीपीपी (ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप) से बाहर होना भी उचित नहीं है।