कोरोना की दूसरी लहर बीत जाने के बाद एक बार फिर सभी व्यवसायों ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। जनसामान्य की स्थिति सुधरने के साथ ही रोजगार के अवसर भी अब बढ़ने लगे हैं। हाल ही में खत्म हुए जुलाई माह में 1.6 करोड़ नौकरियां लोगों को मिलीं। जबकि जुलाई के महीने में करीब 32 लाख नौकरीपेशा लोगों की बेरोजगार हुए। 31 जुलाई तक सैलरीड इंडिविजुअल की संख्या 76.49 मिलियन थी, जबकि 30 जून को यह संख्या 79.70 मिलियन थी। इस तरह जुलाई में कुल 3.21 मिलियन लोगों की नौकरी चली गई।
वहीं, सितंबर माह शुरू हो रहे त्यौहारी सीजन रोजगार के हिसाब से राहत लेकर आएगा। ई-कॉमर्स, फूड टेक, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर में पिछले वर्ष के मुकाबले 35 फीसदी ज्यादा रोजगार के अवसर मौजूद होंगे।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 1.6 करोड़ रोजगार की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जुलाई में जितना भी रोजगार पैदा हुआ, उसकी गुणवत्ता खराब थी। छोटे व्यापारी और दिहाड़ी मजदूर के रूप में 1.86 करोड़ अतिरिक्त लोग काम कर रहे थे। कृषि क्षेत्र में जुलाई 2021 के दौरान 1.12 करोड़ नौकरियां मिलीं। जबकि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 54 लाख, सर्विस सेक्टर में पांच लाख और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आठ लाख रोजगार मिले। जुलाई में खेती किसानी और निर्माण कार्य में काम करने मजदूरों की संख्या में वृद्धि देखी गई है।
सितंबर से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सितंबर माह से शुरू हो रहा त्योहारी सीजन लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर लेकर आएगा। इस अवधि में कामगारों को पिछले वर्ष की तुलना में 35 फीसदी ज्यादा काम मिलेगा। ये सभी काम ऑनलाइन कारोबार पर फोकस रहा। दरअसल त्यौहारी के दौरान ई-कॉमर्स, फूड टेक, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर की कंपनियां इस तरह के लोगों को ज्यादा काम देंगी।
ऐसा इसलिए क्योंकि त्योहार में ऑर्डर बढ़ने के कारण इन कंपनियों को सामानों की डिलीवरी करने के लिए, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस, पैकेजिंग और अन्य काम के लिए ज्यादा लोगों की जरुरत होगी। जानकारों का मानना है कि इस साल के त्योहारी सीजन में करीबन तीन लाख लोगों की अतिरिक्त भर्तियां कंपनियां कर सकती हैं। यह भर्ती कंज्यूमर ड्यूरेबल, लॉजिस्टिक्स, लाइफ स्टाइल और अन्य सेगमेंट में होगी।