चीन के आयात और निर्यात के आंकड़े मार्च महीने में अप्रत्याशित रूप में घट गए हैं। ये आंकड़े बाजार के के पूर्वानुमान के मुकाबले काफी कम रहे हैं। सीमा शुल्क विभाग की ओर से शुक्रवार को आयात-निर्यात के आंकड़े जारी किए गए हैं।आंकड़ों से पता चलता है कि चीन में आर्थिक सुधार को मजबूत करने की कोशिश में जुटे नीति निर्माताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
चीन से बाहर जाने वाले शिपमेंट्स में पिछले महीने (मार्च में) एक साल पहले की तुलना में 7.5% की गिरावट आई। यह पिछले साल अगस्त के बाद शिपमेंट्स में आई सबसे बड़ी गिरावट है और अर्थशास्त्रियों के 2.3% की गिरावट के पूर्वानुमान की तुलना में बहुत अधिक है। इससे पहले जनवरी-फरवरी की अवधि में ये शिपमेंट्स 7.1% बढ़े थे।
आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में निर्यात में सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। नरम विदेशी मांग और सख्त वैश्विक मौद्रिक नीति के कारण देश के निर्यातकों को पिछले साल अधिकांश समय चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अमेरिका के फेडरल रिजर्व और अन्य विकसित देशों ने ब्याज दरों में कटौती करने की कोई हड़बड़ी नहीं दिखाई है, इससे चीनी निर्माताओं के लिए फिलहाल चुनौतियां जारी रह सकती हैं। क्योंकि वे विदेशों में माल की बिक्री को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
चाइना बेज बुक सर्वेक्षण में कहा गया है कि बेहतर कॉर्पोरेट राजस्व, लाभ और पूंजीगत खर्च सहित व्यापार की स्थिति में हालिया सुधार, वास्तव में बहुत खराब से औसत स्थिति में लौटने जैसा है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि कुछ उद्योगों में चीन की अत्यधिक क्षमता पर पश्चिमी देशों चिंताएं दुनिया के विनिर्माण केंद्र (चीन) के लिए अधिक व्यापार बाधाएं पैदा कर सकती हैं।
पिछले महीने चीन का कुल निर्यात कमजोर रहा, लेकिन इस्पात निर्यात जुलाई 2016 के बाद से उच्चतम स्तर पर रहा। 1.4% की वृद्धि के अनुमानों के विपरीत मार्च में चीन के आयात में भी सालाना आधार पर 1.9% की गिरावट दर्ज की गई। उससे पहले साल के पहले दो महीनों में आयात में 3.5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि पहली तिमाही की बात करें तो आयात में 1.5% की वृद्धि दर्ज की गई।