केंद्र सरकार को भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड से छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश प्राप्त हुआ है। सरकार इस समय इस कंपनी से अपनी पूरी हिस्सेदारी को बेचने की प्रक्रिया में है।
केंद्र सरकार भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में अपनी पूरी हिस्सेदारी को बेचना चाहती है। वहीं, इसी कंपनी से सरकार को छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश मिला है। लाभांश या डिविडेंट कंपनी की कमाई और लाभ के आधार पर तय होता है और यह वह राशि होती है जो कंपनी अपने शयरधारकों को देती है।
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निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत ने बुधवार को एक ट्वीट में लिखा कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकार को बीपीसीएल से 6664 करोड़ रुपये का अंतिम लाभांश मिला है। इसमें खास तौर पर असम में स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी में बीपीसीएल की हिस्सेदारी की बिक्री से प्राप्त हुआ विशेष लाभांश शामिल है।
बीपीसीएल ने इस साल मार्च में नुमालीगढ़ रिफाइनरी में अपनी पूरी हिस्सेदारी ऑयल इंडिया लिमिटेड और असम सरकार के एक समूह को बेच दी थी। इसमें बीपीसीएल की 61.5 फीसदी की हिस्सेदारी थी और यह सौदा 9876 करोड़ रुपये में हुआ था। वहीं, केंद्र सरकार बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने की प्रक्रिया में है।