केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी और उनकी कंपनी गीतांजलि जेम्स पर अपना शिकंजा और कस दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआईने चौकसी के विरुद्ध कथित रूप से 22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक नया मामला दर्ज किया है। इसमें बताया गया है कि कारोबारी द्वारा की गई धोखाधड़ी का ये मामला 2014-18 के बीच का है।
13500 करोड़ के बैंक फ्रॉड में शामिल
सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि अपने भांजे नीरव मोदी के साथ 13,500 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में वांछित मेहुल चौकसी ने आईएफसीआई से 25 करोड़ रुपये का कर्ज पाने के लिए गिरवी रखे हीरों और आभूषणों के मूल्य को कथित रूप से बढ़ाकर दिखाया था। एजेंसी की ओर से बताया गया कि मेहुल चौकसी, उसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स और मूल्यांकनकर्ता सूरजमल लल्लू भाई एंड कंपनी, नरेंद्र झावेरी, प्रदीप सी शाह और श्रेणिक शाह के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इस आधार पर किया गया केस दर्ज
केंद्रीय एजेंसी ने भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (आईएफसीआई) लिमिटेड की एक शिकायत पर चौकसी के खिलाफ यह कार्रवाई की है। आईएफसीआई ने आरोप लगाया गया है कि चौकसी ने 2016 में 25 करोड़ रुपये का कार्यशील पूंजी ऋण मांगा, जिसके लिए उसने शेयर और सोने तथा हीरे के आभूषण गिरवी रखे थे। चार अलग-अलग मूल्यांकन करने वालों ने बताया कि गिरवी रखे गए आभूषण 34 से 45 करोड़ रुपये के बीच कीमत के हैं।
मूल्यांकन से मामला हुआ उजागर
कंपनी द्वारा कथित तौर पर भुगतान में चूक करने पर आईएफसीआई ने गिरवी रखे शेयरों और आभूषणों से भरपाई करनी की तो पता चला कि गिरवी रखे सोने, हीरे और रत्नों के आभूषणों की कीमत शुरुआती मूल्यांकन के मुकाबले 98 प्रतिशत कम थी। ताजा मूल्यांकन से पता चला कि गिरवी रखे गए आभूषणों की कीमत 70 लाख रुपये से लेकर दो करोड़ रुपये के बीच है।