फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Business Updates: एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी, आईबीएम और एसएपी के खिलाफ चार्जशीट, सीबीआई की कार्रवाई

Sun, 04 Feb 2024 07:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली

सार

लगभग छह साल की जांच के बाद सीबीआई ने एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी अरविंद जाधव, आईबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एसएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और छह अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीबीआई ने एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी, एसएपी इंडिया और आईबीएम के खिलाफ रविवार को आरोप पत्र दायर किया। चार्जशीट 2011 में एयर इंडिया के 225 करोड़ रुपये में सॉफ्टवेयर खरीदने के मामले में कथित अनियमितताओं के संबंध में दाखिल किया गया है। बताया गया कि सीबीआई ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की सिफारिश पर मामला दर्ज किया है। सीवीसी की जांच में पता चला था कि सॉफ्टवेयर की खरीद में अनियमितताएं हैं।

विज्ञापन


बताया गया कि लगभग छह साल की जांच के बाद सीबीआई ने एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी अरविंद जाधव, आईबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एसएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और छह अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र में आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इससे पहले सीवीसी ने सीबीआई को लिखे पत्र में कहा था कि एयर इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कंपनी ने उचित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया और एसएपी एजी से एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सॉफ्टवेयर प्रणाली खरीदी थी। आरोप यह भी है कि इस मामले में नागरिक विमानन मंत्रालय से कोई मंजूरी नहीं मिली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

जी-सोनी - फोटो : Social Media
जी को एनसीएलटी में जाने से रोकने की सोनी की याचिका खारिज
सिंगापुर मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) ने जी को एनसीएलटी में जाने से रोकने के लिए दायर सोनी समूह की याचिका खारिज कर दी है। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने रविवार को यह जानकारी दी। दरअसल, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जील) और जापान के सोनी समूह की भारतीय शाखा के बीच विलय के लिए एक समझौता हुआ था, जिसे सोनी ने देरी और कुछ अन्य कारणों के चलते तोड़ दिया। सोनी ने आरोप लगाया कि जील ने समझौते की शर्तों को पूरा नहीं किया। जील ने इस फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में याचिका दायर की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें