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कैबिनेट फैसले: पीएलआई का लाभ लेने के लिए पूरी करनी होगी शर्त, राहत पैकेज से दूरसंचार क्षेत्र में भी बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

Thu, 16 Sep 2021 06:55 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पीएलआई योजना का लाभ लेने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं, जिसके मुताबिक हर कार कंपनी को 2,000 करोड़ और दोपहिया निर्माता कंपनियों को 1,000 करोड़ रुपये का निवेश 2022-23 से अगले पांच साल में करने होंगे।
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दूरसंचार क्षेत्र को राहत (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AmarUjala
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विस्तार
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महामारी के पहले से ही दबाव मेें चल रहे वाहन और दूरसंचार क्षेत्र के लिए सरकार के फैसले संजीवनी का काम करेंगे। पीएलआई योजना से वाहन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, जिससे विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दूरसंचार क्षेत्र को बकाया चुकाने के लिए ज्यादा समय और कम ब्याज जैसी छूट और 100 फीसदी ऑटोमेटिक एफडीआई को मंजूरी से विदेशी निवेशकों का भी भरोसा बढ़ेगा।

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सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि वाहन और दूरसंचार दोनों ही क्षेत्र कई साल से दबाव में चल रहे थे। वाहन क्षेत्र का विनिर्माण क्षेत्र में करीब 35 फीसदी योगदान है। लिहाजा इस क्षेत्र को तेजी देने के लिए बड़ी योजना की दरकार थी, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कंपनियों को 26 हजार करोड़ की पीएलआई योजना का लाभ उठाने के लिए 2022-23 से अगले पांच साल में बड़े निवेश करने होंगे।

इसके लिए हर कार निर्माता कंपनियों को 20 अरब रुपये, तो वाहन उपकरण निर्माता कंपनियों को 2.5 अरब रुपये का निवेश अगले पांच साल में करना होगा। इसके अलावा दोपहिया वाहन कंपनियां भी 1,000 करोड़ रुपये लगाएंगी, जबकि 80 करोड़ से ज्यादा निवेश करने वाली ड्रोन कंपनियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना से वाहन क्षेत्र में कुल 42,500 करोड़ और ड्रोन क्षेत्र में पांच हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना है। इससे उत्पादन में 2.30 लाख करोड़ का इजाफा होगा। 
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2.5 अरब रुपये वाहन उपकरण कंपनियां लगाएंगी पांच साल में

8 से 18 फीसदी तक प्रोत्साहन राशि
वाहन और उपकरण विनिर्माण कंपनियों को उनकी सालाना बिक्री का आठ से 18 फीसदी तक प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके लिए पांच साल में न्यूनतम निवेश और सालाना 10 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करना जरूरी होगा। योजना के लिए 2019-20 को आधार वर्ष माना जाएगा। कुछ साल पहले तक भारत दुनिया का तीसरा बड़ा वाहन बाजार था, जहां सालाना 50 लाख वाहन बिकते थे। हालांकि, महामारी के एक साल पहले से ही इसमें गिरावट आनी शुरू हो गई और कुल बिक्री 30 लाख के आसपास सिमट गई।

65 कंपनियों को पीएलआई का लाभ, मारुति बाहर
अनुराग ठाकुर ने बताया कि वाहन क्षेत्र की पीएलआई योजना से 65 कंपनियों को लाभ मिलेगा। इसमें टाटा, महिंद्रा सहित 10 वाहन निर्माता कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, मारुति को इस योजना से झटका लगा है, क्योंकि भारतीय बाजार की यह सबसे बड़ी कंपनी अभी तक ई-वाहन निर्माण से दूरी बनाए हुए है। इसके अलावा 50 वाहन उपकरण विनिर्माताओं और 5 नॉन ऑटोमोटिव इन्वेस्टर्स को भी योजना का लाभ मिल रहा है। 

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से जुड़ी कंपनियां इससे बाहर हो गई हैं। अब फ्लेक्स फ्यूल किट, हाइड्रोजन फ्यूल सेल, हाइब्रिड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और चार्जिंग पोर्ट, ड्राइव ट्रेन, इलेक्ट्रिक वैक्यूम पंप और इलेक्ट्रिक कम्प्रेसर सहित इलेक्ट्रिक वाहनों के उपकरण बनाने वाली कुल 22 कंपनियों को लाभ मिलेगा। सनरूफ और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल से जुड़ी कंपनियां भी पीएलआई योजना में शामिल हैं।

इन सुधारों से दूरसंचार क्षेत्र को राहत

  • गैर दूरसंचार राजस्व को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से बाहर रखा जाएगा।
  • लाइसेंस शुल्क व करों के लिए जरूरी 80 फीसदी बैंक गारंटी में कटौती। अब विभिन्न सेवाओं के लिए सिर्फ एक बैंक गारंटी देनी होगी।
  • एक अक्तूबर से लाइसेंस व स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क भुगतान में देरी पर लगने वाली ब्याज दर एसबीआई के एमसीएलआर और चार फीसदी के बजाय एमसीएलआर और दो फीसदी होगी। ब्याज की गणना सालाना आधार पर होगी। जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज हटा दिया गया है।
  • नीलामी में किस्त को सुरक्षित रखने के लिए अब बैंक गारंटी की जरूरत नहीं होगी।
  • नीलामी स्पेक्ट्रम अवधि 20 साल से बढ़ाकर 30 साल कर दी है।
  • नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम को 10 साल बाद सरेंडर कर सकेंगे।
  • नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम पर कोई उपयोग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • स्पेक्ट्रम साझेदारी के लिए 0.5 फीसदी का अतिरिक्त उपयोग शुल्क हटा दिया है।
  • ऑटोमेटिक रूट से दूरसंचार क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई होगी, पहले यह सीमा 49 फीसदी थी।


5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी फरवरी तक : अश्विनी
दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे मौजूदा कंपनियों को उबरने में काफी मदद मिलेगी। सरकार 5जी को लेकर उत्साहित है और फरवरी, 2022 में इसके स्पेक्ट्रम की नीलामी हो जाएगी। तीनों बड़ी दूरसंचार कंपनियों जियो, एयरटेल और वोडा आइडिया ने राहत पैकेज को पर्याप्त माना है।

डिजिटल भारत का लक्ष्य आसान
दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत पैकेज से डिजिटल भारत का लक्ष्य आसान हो जाएगा। एजीआर भुगतान में राहत मिलने से दबाव वाली कंपनियों के लिए आगे बढ़ना आसान होगा और उनकी कमाई भी बढ़ेगी। फैसले के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं।  - मुकेश अंबानी, चेयरमैन, आरआईएल

दूरसंचार क्षेत्र में नौ बड़े सुधारों से निवेशक निडर होकर घरेलू बाजार में पैसे लगा सकेंगे। 1999 में भी एनडीए सरकार के फैसलों से आम आदमी के लिए दूरसंचार सेवाएं आसान हुई थीं। डिजिटल भारत अभियान को पूरा करने में इनकी बड़ी भूमिका होगी।  - सुनील मित्तल, चेयरमैन, भारती एयरटेल

वाहन क्षेत्र को पीएलआई योजना में शामिल किए जाने से न सिर्फ ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विनिर्माण और रोजगार बढ़ने से अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी। भारतीय वाहन क्षेत्र में अब विदेशी कंपनियां निवेश को आकर्षित होंगी।  -गिरीश वाघ कार्यकारी निदेशक, टाटा मोटर्स

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