बायजू इंडिया के सीईओ और संस्थापक बायजू रवींद्रन के विश्वासपात्र अर्जुन मोहन ने यह पद संभालने के छह महीने बाद कंपनी छोड़ दी है। यह एक महत्वपूर्ण शीर्ष-स्तरीय इस्तीफा है जो परेशान एडटेक फर्म को और संकट में डाल सकता है। हालांकि खबरों के अनुसार अर्जुन बाहरी सलाहकार के तौर पर बायजू को अपना सहयोग देते रहेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी के संस्थापक रवींद्रन पिछले एक साल से कंपनी को परेशान करने वाली कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कंपनी के एक बयान के अनुसार मोहन के जाने के बाद रवींद्रन थिंक एंड लर्न के तहत आने वाले भारतीय कारोबार के लिए दिन-प्रतिदिन के संचालन का नियंत्रण संभालेंगे। रवींद्रन लगभग चार साल बाद दैनिक मामलों के शीर्ष पर लौट रहे हैं। वह वर्तमान योजनाओं के अनुसार, नवीनतम बदलावों पर आंतरिक रूप से घोषणा कर सकते हैं। मोहन ने पिछले साल कंपनी के सीईओ के रूप में मृणाल मोहित की जगह ली थी। ये दोनों रवींद्रन के संस्थापक टीचिंग कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के शुरुआती दिनों में पूर्व छात्र थे।
सितंबर 2023 में मृणाल मोहित बायजू से जाने के बाद कंपनी ने अर्जुन मोहन को अपने भारतीय कारोबार का सीईओ बनाया था। अर्जुन मोहन जुलाई 2023 में बायजू से उसके इंटरनेशनल बिजनेस के सीईओ के तौर पर दोबारा जुड़े थे। इससे पहले वे बायजू के साथ करीब 11 सालों तक काम कर चुके थे। बाद में वे इंडिया बिजनेस के सीईओ के तौर पर अपग्रैड (UpGrad) में चले गए थे। दिसंबर 2022 में उन्होंने से अपग्रैड से इस्तीफ दे दिया था। अर्जुन ने 'एजुकेटिंग ए बिलियन' नामक किताब भी लिखी है।
बायजू के बहुलांश शेयरयधारकों ने अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने को मंजूरी दी
बायजू ब्रांड की मालिक एडटेक फर्म थिंक एंड लर्न के अधिकांश शेयरधारकों ने राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाई गई 20 करोड़ डॉलर की अधिकृत शेयर पूंजी को बढ़ाने के कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सोमवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। 29 मार्च को हुई ईजीएम का कंपनी के निवेशकों के एक समूह ने विरोध किया था।
कंपनी ने एक बयान में कहा, "29 मार्च, 2024 को आयोजित असाधारण आम बैठक (ईजीएम) को कुल मतदान के 55 प्रतिशत बहुमत से अनुमोदित किया गया है। मतदान प्रक्रिया, जिसमें ईजीएम और 6 अप्रैल, 2024 को समाप्त हुए डाक मतपत्र दोनों शामिल थे, की एक स्वतंत्र तृतीय पक्ष द्वारा विधिवत जांच की गई है।"