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Bihar: कमाई 500 रुपये और आईटी विभाग ने थमा दिया 37.5 लाख रुपये का नोटिस, परेशान मजदूर ने लगाई थाने में गुहार

Sun, 21 Aug 2022 04:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

अलौली थाने के थाना प्रभारी पुरेंद्र कुमार ने इस मामले में बताया कि हमने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि गिरीश द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर मामले में जांच भी शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया यह धोखाधड़ी का मामला लगता है।
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इनकम टैक्स - फोटो : i stock
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विस्तार
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बिहार के खगड़िया में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अलौली प्रखंड के मघौना गांव के रहने वाले एक मजदूर को इनकम टैक्स विभाग की तरफ से एक नोटिस मिला है। आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर मजदूर को  37.50 लाख रुपये का बकाया भुगतान करने का आदेश दिया है। वहीं, नोटिस मिलने के बाद मजदूर सहित उसका पूरा परिवार सदमे में आ गया है। मजदूर का कहना है कि दिनभर काम करने के बाद कहीं उसे 500 रुपये की दिहाड़ी मिलती है, ऐसे में वह इस समस्या से कैसे निपटे। अब उसने स्थानीय थाने में न्याय के लिए गुहार लगाई है। 

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ये है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, अलौली प्रखंड के मघौना गांव के रहने वाले गिरिश यादव मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। अब उसे इनकम टैक्स का नोटिस मिला है। नोटिस के मुताबिक, उसके नाम पर 37.50 लाख रुपये का टैक्स बकाया है, जिसे उसे भरना है। नोटिस में ये भी कहा गया है कि उसके नाम पर राजस्थान के पाली में एक कंपनी रजिस्टर्ड है। शिकायतकर्ता को उसके नाम से जारी पैन नंबर के खिलाफ नोटिस मिला है। वहीं, गिरीश का कहना है कि वे कभी राजस्थान गए ही नहीं हैं। अब गिरीश यादव ने संबंधित थाने का दरवाजा खटखटाया है। गिरीश को मिले इस नोटिस को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। 

पुलिस ने शुरू की जांच
वहीं, अलौली थाने के थाना प्रभारी पुरेंद्र कुमार ने इस मामले में बताया कि हमने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि गिरीश द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर मामले में जांच भी शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया यह धोखाधड़ी का मामला लगता है। एसएचओ ने बताया  कि शिकायतकर्ता को उसके नाम से जारी पैन नंबर के खिलाफ नोटिस मिला है।
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एसएचओ पुरेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित गिरीश का कहना है कि वह दिल्ली में लोगों के घरों में काम करता है। वहीं उसने एक बार एक दलाल के जरिए पैन कार्ड बनवाने की कोशिश की थी। जो उसे फिर कभी नहीं मिला। एसएचओ का कहना है कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है, जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। 

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