पेटीएम की खराब लिस्टिंग के बाद से कंपनी के शेयरों की लगातार घटती कीमत और इससे निवेशकों को होने वाले घाटे को लेकर भारतपे के संस्थापक अश्नीर ग्रोवर ने विजय शेखर शर्मा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को होने वाले नुकसान के लिए कंपनी के संस्थापक ही जवाबदेह हैं।
आईपीओ की कीमत को गलत बताया
अश्नीर ग्रोवर ने आधिकारिक तौर पर विजय शेखर शर्मा के फिनटेक फर्म की आईपीओ पेशकश को गलत कीमत देने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एक असफल लिस्टिंग भारत में आईपीओ के उन्मादी चक्र को समाप्त कर सकती है। ग्रोवर ने कहा कि मैं निवेशकों को बताता था कि दो बाजार होने जा रहे हैं एक प्री-पेटीएम और दूसरा पोस्ट-पेटीएम, क्योंकि पोस्ट पेटीएम बुरी तरह गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका कारण काफी सरल है, आपने अपने आईपीओ का गलत मूल्य दिया है।
आने वाले दूसरे आईपीओ के लिए परेशानी
पेटीएम और भारतपे के बीच बयानों का यह दौर एक युद्ध की तरह लगने लगा है। ग्रोवर ने कहा कि पेटीएम की हालत को देखते हुए निवेशकों के मन में डर और चिंता बैठ गई है। इससे आने वाले सभी आईपीओ की अब पुनर्मूल्यांकन की संभावना है, जिसमें एलआईसी भी शामिल है जो अब तक का सबसे बड़ा माना जा रहा है।
इतिहास में सबसे खराब प्रदर्शन
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग होते ही पेटीएम धड़ाम हो गया। सोमवार को लिस्टिंग के दूसरे दिन और बाजार के पहले कारोबारी दिन पेटीएम के शेयरों में गिरावट जारी रही। जहां पहले दिन पेटीएम के शेयरों में 2150 रुपये के निर्गम मूल्य से 27 प्रतिशत की कमी आई थी, वहीं अब यह आंकड़ा सोमवार को बढ़कर 20 फीसदी को पार कर गया है।
चीनी निवेशकों को पैसा लौटाना लक्ष्य
अश्नीर ग्रोवर ने कहा कि 18,300 करोड़ रुपये के आईपीओ में से 55 फीसदी सेकेंडरी था। यह चीनी निवेशक हैं जिन्होंने इस आईपीओ के माध्यम से अपने शेयर बेचे। भारतीय बाजार को खराब करके आपने चीनी निवेशकों को उनका पैसा वापस दिया है। ग्रोवर ने कहा कि चीनी निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए भारतीय बाजार को अस्त-व्यस्त कर दिया गया।