दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशन में अपनी पूरी 2.46 फीसदी हिस्सेदारी 1,371 करोड़ में बेच दी है। इसमें बफे को प्रति शेयर 31% का घाटा हुआ है, जिससे दिग्गज निवेशक को 620 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ है।
2018 में उन्होंने करीब 2,200 करोड़ रुपये में कंपनी में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। बर्कशायर के पास 1.56 करोड़ शेयर थे। एनएसई के मुताबिक, इन शेयरों को 877.29 रुपये प्रति शेयर पर बेचा गया। कोपथाल मॉरिशस इन्वेस्टमेंट व घिसालो फंड ने पेटीएम में 1.86 फीसदी हिस्सेदारी 1,039.52 करोड़ में खरीदी है।
एनएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को शेयरों का निपटान औसतन 877.29 रुपये प्रति शेयर पर किया गया, जिससे लेनदेन का मूल्य 1,370.63 करोड़ रुपये हो गया। शेयरों की खरीद और बिक्री मूल्य की तुलना से पता चलता है कि प्रत्येक शेयर पर 31 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
एनएसई के पास उपलब्ध थोक सौदे के आंकड़ों के अनुसार, बीएच इंटरनेशनल होल्डिंग्स ने नोएडा स्थित पेटीएम में 1,56,23,529 शेयर या 2.46 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी।
सितंबर तिमाही के अंत में, बीएच इंटरनेशनल होल्डिंग्स के पास पेटीएम में 2.46 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जैसा कि बीएसई के शेयरहोल्डिंग डेटा से पता चला है। यह तुरंत पता नहीं चल सका कि इकाई ने 0.14 प्रतिशत हिस्सेदारी कब बेची थी।
0.67 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं शेयर
इस बीच, शुक्रवार को कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट ने 75,75,529 शेयर और घिसालो मास्टर फंड एलपी ने 42.75 लाख शेयर हासिल किए, जो पेटीएम में क्रमशः 1.19 प्रतिशत और 0.67 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।
शेयर औसतन 877.20 रुपये प्रति पीस की कीमत पर खरीदे गए, जिससे कुल सौदा मूल्य 1,039.52 करोड़ रुपये हो गया। अन्य खरीदारों का विवरण सुनिश्चित नहीं किया जा सका।
शेयर गिरावट के साथ 895 रुपए पर बंद हुए
वन97 कम्युनिकेशंस के शेयर शुक्रवार को एनएसई पर 3.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 895 रुपये पर बंद हुए। अक्तूबर में, फिनटेक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस, जो पेटीएम ब्रांड के तहत काम करती है, ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में समेकित घाटा कम होकर 291.7 करोड़ रुपये होने की सूचना दी।
एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 571.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। तिमाही के दौरान कंपनी के संचालन से समेकित राजस्व लगभग 32 प्रतिशत बढ़कर 2,518.6 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 1,914 करोड़ रुपये था।