हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन क्षेत्र में पांच-सात साल में मिल सकते हैं पांच करोड़ रोजगार
हॉस्पिटैलिटी व पर्यटन क्षेत्र में अगले पांच से सात वर्षों में पांच करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए राज्यों में पूर्ण उद्योग और बुनियादी ढांचे का दर्जा पाने के लिए सरकारी समर्थन की जरूरत है।
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के मुताबिक, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा मिलने से आवास निर्माण के लिए निवेश बढ़ेगा। आय और रोजगार सृजन में भी मदद मिल सकती है। एचएआई अध्यक्ष पुनीत चटवाल ने सोमवार को कहा, पर्यटन विकास का एक स्तंभ है। इसका कुल रोजगार में 10 फीसदी और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ फीसदी योगदान है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में भर्तियां 2.71 गुना बढ़ी हैं। हालांकि, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के पास उद्योग का दर्जा होने के बावजूद इसमें कई सीमाएं हैं। ये सीमाएं 12 साल पहले लगाई गई थीं।
1,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी स्पाइसजेट
संकटग्रस्त विमानन कंपनी स्पाइसजेट लागत घटाने के लिए 1,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। सूत्रों का दावा है कि वित्तीय संकट, कानूनी लड़ाई व अन्य बाधाओं में फंसी कंपनी 1,500 कर्मचारियों को निकाल सकती है। यह छंटनी सभी विभागों में होने की आशंका है। कंपनी कर्मचारियों की संख्या घटाकर सालाना 100 करोड़ रुपये तक की बचत कर सकती है।
शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटकर 6.5 फीसदी
देश के शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों के बीच बेरोजगारी दर अक्तूबर-दिसंबर, 2023 में घटकर 6.5 फीसदी रह गई। एक साल पहले की समान अवधि में बेरोजगारी दर 7.2 फीसदी रही थी। पुरुषों में बेरोजगारी दर अक्तूबर-दिसंबर, 2022 के 6.5 फीसदी से घटकर अक्तूबर-दिसंबर, 2023 में 5.8 फीसदी रह गई। महिलाओं में यह दर 9.6 फीसदी से घटकर 8.6 फीसदी रह गई।