उन्होंने कहा, 'मंत्रिमंडल ने चाय बागान श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। ब्रह्मपुत्र घाटी में एक अक्तूबर से दैनिक मजदूरी 232 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दी गई है। बराक घाटी में श्रमिकों को अब से 210 रुपये के बजाय 228 रुपये मिलेंगे। इसलिए दोनों जगहों पर 18 रुपये बढ़ाए जाएंगे।
बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि सरकार ने उद्यान प्रबंधन को आगामी दुर्गा पूजा के लिए 20 प्रतिशत बोनस देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, चाय बागान श्रमिकों और आदिवासी लोगों के लिए तत्काल प्रभाव से सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण होगा। यह केवल नॉन-क्रीमी लेयर के लिए होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा बारपेटा जिले को विभाजित करके बजाली जिला बनाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा, जिले का गठन 11 अक्तूबर से मौजूदा बजाली निर्वाचन क्षेत्र के साथ किया जाएगा। बाद में कैबिनेट उप-समिति के सुझावों के अनुसार सीमांकन किया जाएगा।
सरमा ने कैबिनेट के एक अन्य फैसले को साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 7 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों के लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में पांच फीसदी सीटें आरक्षित होंगी। उन्होंने कहा, यह छात्रों को सरकारी संस्थानों की ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा, इसके अलावा मोरन और मटक समुदायों के लिए असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) भर्ती में एक मजिस्ट्रेट और एक डीएसपी पद आरक्षित किया जाएगा।
सरमा ने कहा कि असम लोक परीक्षा (भर्ती अध्यादेश में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए उपाय) को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था और विवरण मंगलवार को शिक्षा मंत्री रनोज पेगू द्वारा साझा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी के बाहर मंत्रिमंडल की बैठकों के खर्च के लिए आचार संहिता को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा,'मंत्री अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कई बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। उनमें उन्हें कई तरह के उपहार मिलते हैं। इस संबंध में भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया और पेगू कल इसकी जानकारी देंगे। सरमा ने कहा कि कैबिनेट ने सोमवार से 250 मिलीलीटर तक के आकार की पीने के पानी की बोतलों पर प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया है।